
Brad Arnold Dies: अमेरिकी रॉक म्यूजिक की दुनिया को एक गहरा झटका लगा है। ग्रैमी-नॉमिनेटेड मशहूर रॉक बैंड '3 डोर्स डाउन' के लीड सिंगर और सह-संस्थापक ब्रैड अर्नोल्ड का 47 साल की उम्र में निधन हो गया। वो लंबे समय से स्टेज 4 किडनी कैंसर से जूझ रहे थे। बीमारी का पता चलने के कुछ ही महीनों बाद उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके जाने से न सिर्फ हॉलीवुड इंडस्ट्री बल्कि दुनियाभर में फैले उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
बैंड की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ब्रैड अर्नोल्ड ने अपने परिवार और करीबी लोगों की मौजूदगी में, नींद में ही शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली। कैंसर के खिलाफ उनकी जंग साहस और हिम्मत की मिसाल रही। बीमारी ने भले ही उनके शरीर को कमजोर किया हो, लेकिन उनका जज्बा और संगीत के प्रति जुनून आखिरी वक्त तक कायम रहा।
ब्रैड अर्नोल्ड ने बहुत कम उम्र में ही संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली थी। 3 डोर्स डाउन बैंड की स्थापना 1995 में अमेरिका के मिसिसिपी में हुई थी। महज चार साल बाद ही बैंड को अपने पहले सुपरहिट गाने ‘क्रिप्टोनाइट’ के लिए ग्रैमी नॉमिनेशन मिला। खास बात यह है कि यह गाना ब्रैड ने सिर्फ 15 साल की उम्र में, स्कूल की मैथ्स क्लास के दौरान लिखा था। यही गाना आगे चलकर उनकी पहचान बन गया।
3 डोर्स डाउन का पहला एल्बम ‘द बेटर लाइफ’ जब रिलीज हुआ तो उसने रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की। इस एल्बम की लाखों कॉपियां बिकीं और बैंड को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। इसके बाद 2003 में गाने ‘व्हेन आई एम गॉन’ के लिए ब्रैड अर्नोल्ड को दूसरा ग्रैमी नॉमिनेशन मिला। उनके गानों में भावनात्मक सादगी, आम लोगों से जुड़ाव और सीधे दिल को छू लेने वाले बोल उनकी खास पहचान थे।
बैंड ने अपने करियर में कुल छह स्टूडियो एल्बम रिलीज किए। इनमें 2016 में आया ‘अस एंड द नाइट’ आखिरी एल्बम था। ‘लूजर’, ‘डक एंड रन’ और ‘बी लाइक दैट’ जैसे गाने आज भी रॉक म्यूजिक प्रेमियों की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं।
ब्रैड अर्नोल्ड के लिए संगीत सिर्फ करियर नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य था। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि इतने सालों तक एक ही काम को पूरी ईमानदारी से करना इंसान को बेहतर बनाता है। यही वजह थी कि वह हर एल्बम और हर परफॉर्मेंस में खुद को नया रूप देने की कोशिश करते रहे।
कैंसर की खबर और टूटा टूर
पिछले साल ब्रैड ने खुद सामने आकर बताया था कि उन्हें क्लियर सेल रीनल कार्सिनोमा है, जो उनके फेफड़ों तक फैल चुका है। इसके बाद बैंड को अपना समर टूर रद्द करना पड़ा। बावजूद इसके, ब्रैड ने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी।
बैंड के सदस्यों ने कहा कि ब्रैड का संगीत मंच तक सीमित नहीं था। उनकी आवाज़ ने लोगों को जोड़ने, खुशी देने और मुश्किल समय में सहारा बनने का काम किया। ब्रैड अर्नोल्ड भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों तक जिंदा रहेगा।