चीन में कोरोना ने फिर से कोहराम मचा रखा है। चीन में लोगों को अस्पताल में बेड नहीं मिल रहे हैं। मेडिकल स्टोर्स में दवाएं खत्म हो रही है। लोगों को न तो अस्पताल में जाने के लिए एंबुलेंस मिल रही है और ना अस्पताल में बेड।
चीन में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन का सबवेरिएंट बीएफ.7 कहर बरपा रहा है। यह वायरस लोगों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, चीन की राजधानी बीजिंग में 70 प्रतिशत से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। पूरे चीन में हालात इतने खराब हैं कि लोगों को इलाज के लिए अस्पताल और दाह संस्कार के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। लोगों को अस्पताल में बेड नहीं मिल रहे हैं। मेडिकल स्टोर्स में दवाएं खत्म हो रही है। मरीज इलाज के लिए डॉक्टर्स के सामने गिड़गिड़ा रहे हैं। इसी बीच एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसको देखकर किसी का भी दिल दहला जाएगा। दरअसल, वहां पर चीन में अस्पतालों में जगह नहीं मिलने के कारण मांएं अपने बच्चे का आलू से बुखार उतार रहने की कोशिश में जुटी हुई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को चीन के हेबेई प्रांत का बताया जा रहा है। इसमें एक परिवार पूरी तरह हताश दिख रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक मां और उसके 42 दिन के जुड़वां बच्चे कोरोना की चपेट में आ चुके है। बच्चे बुखार से तड़प रहे है लेकिन उन्हें दवा नहीं मिल पा रही। एक लाचार मां ने अपने बच्चों का बुखार कम करने के लिए आलू की चिप्स की की मदद ले रही है। हालांकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। महिला का कहना है कि ना को बच्चों को देने के लिए दवाई और ना ही अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस है।
मीडियाई रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में कोरोना के नए सब-वेरिएंट BF.7 से हजारों लोग संक्रमित हो रहे हैं और उनकी मौत हो रही है। ये वेरिएंट कोरोना वेरिएंट BA.5.2.1.7 से म्यूटेट होकर बना है। एक्सपर्ट का कहना है कि कोरोना का यह वेरिएंट ओमिक्रॉन के अन्य सब वेरिएंट के मुकाबले कहीं ज्यादा खतरनाक हैं और लोगों के बीच तेजी से फैलता है।
Worldometers.info के डेटा के अनुसार, एक हफ्ते में दुनिया में कोरोना के 34 लाख 84 हजार मामले दर्ज किए गए है। इस दौरान 9 हजार 928 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। चीन में 7 दिन में 15 हजार 548 केस और 7 मौतें की हुई है। हालांकि एक्सपर्ट्स ने आशंका जताई है कि सरकार सही आंकड़ा जारी नहीं कर रही है। माना जा रहा है कि मरीजों की संख्या कई गुना ज्यादा हो सकती है। जापान, दक्षिण कोरिया और फ्रांस में एक हफ्ते में सबसे ज्यादा केसेस आए हैं।