यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (University College London) में एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित व्यक्तिहमेशा के लिए बहरा हो सकता है।
नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) ने कोहराम मचा रखा है। ताजे आंकड़े के मुताबिक 4.2 करोड़ से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं 11 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना के लेकर हर देश के वैज्ञानिक लगातार शोध कर रहे है। अब कोरोना को लेकर एक नई बात सामने आई है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों के मुताबिक कोविड-19 की वजह से इंसान हमेशा के लिए सुनने की शक्ति (Loss of hearing) खो सकता है।
कोरोना बना सकता है बहरा
‘जर्नल बीएमजे’ में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, 45 साल के एक कोविड-19 संक्रमित शख्स को कुछ दिनों तक ICU में वेंटिलेशन पर रखा गया था। इस दौरानउसे एंटी-वायरल ड्रग रेमेडिसवीर और नसों में स्टेरॉयड दिया गया था। कुछ दिनों के अंदर शख्स सही होकर पास घर लौट आया लेकिन तकरीबन एक हफ्ते बाद उसे कान में अजीब से झनझनाहट (रिंगिंग साउंड) होने लगी और बाद में बाएं कान से सुनने की शक्ति चली गई। इसके बाद उसके दूसरे कान में भी दिक्कत होनी शुरु हो गई।
शख्स का इलाज कर रहे हैं डॉक्टर ने बताया कि कोरोना वायरस (Corona virus) लॉस ऑफ टेस्ट, लॉस ऑफ स्मैल से लेकर विभिन्न अंगों को डैमेज करने तक शरीर को असंख्य तरीकों से प्रभावित करता है। ये वायरस सुनने की क्षमता को भी खत्म कर सकता है। हालांकि पहले अगर ध्यान दिया जाए तो इसे रोक सकते हैं।
अचानक सुन्न हो जा रहे हैं कान
डॉक्टर ने बताया कि ‘मरीज के कान में कोई समस्या नहीं बताई इसलिए उसकी जांच नहीं की गई। इसके साथ ही उसे पहले कभी सुनने से जुड़ी समस्या भी नहीं हुई थी। लेकिन समस्या होने के बाद जब टेस्टिंग हुई तो पता चला कि मरीज के बाएं कान में ‘सेंसोरिन्यूरल हियरिंग लॉस’ हुआ है।
इस शोध में काम कर रही डॉ. स्टेफनिया कोउम्पा ने बताया कि अभी तक ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि कोविड-19 कैसे सुनने की शक्ति को डैमेज करता है, लेकिन इसकी संभावना है की ये कोरोना की वजह से ही हो रहा है।
121 में से 16 ऐसे मरीजों में ऐसी ही समस्या
कोउम्पा के अलाव यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर में ऑडियोलॉजी के प्रोफेसर केविन मुनरो बताते हैं कि उन्होंने ने भी एक अस्पताल में एडमिट कोविड-19 के मरीजों का सर्वे किया था। जिसमें पता चला कि सर्वे में 121 में से 16 ऐसे मरीज भी मिले जिन्हें डिस्चार्ज होने के दो महीने बाद सुनने की समस्या होने लगी।