फिलहाज मौजूदा आरटीपीसीआर टेस्ट ( RTPCR Test ) करने के लिए खास मशीनों की दरकरार होती है, जिसकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये है। वहीं आरटी-लैंप टेस्ट में मशीन की जरूरत नहीं होती है बल्कि आरएनए टेंपलेट इस्तेमाल किया जाता है।
नई दिल्ली। सीएसआईआर ( CSIR ) और रिलायंस ( Reliance ) ने संयुक्त रूप से एक ऐसे आरटी-लैंप टेस्ट को विकसित किया है, जिसकी मदद से केवल 30 मिनट में कोरोना की जांच की जा सकेगी। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इस जांच को काफी किफायती दाम पर किया जा सकेगा।
फिलहाल इस टेस्ट का परीक्षण ( Testing ) शुरू किया गया है। अगर ये सफल रहा तो आईसीएमआर ( ICMR ) से इसके लिए मंजूरी ली जाएगी। यह आरटीपीसीआर ( RTPCR ) जैसा ही टेस्ट होता है, जो वायरस ( Virus ) की पहचान करने में सहायक होगा।
कोविड-19 ( COVID-19 9 ) की जांच की गति को और तेज करने के लिए जल्द ही एक नया टेस्ट देश में उपलब्ध होगा। सीएसआईआर की जम्मू ( Jammu ) स्थित लैब इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन के निदेशक राम विश्वकर्मा ने बताया कि रिलायंस के साथ मिलकर यह टेस्ट विकसित किया जा चुका है।
इस टेस्ट को सभी मंजूरियां मिलने के बाद इसे बड़े पैमाने पर बाजार में उतारा जाएगा, ताकि कम समय में कोरोना की जांच हो जाए। अभी मौजूदा आरटीपीसीआर टेस्ट करने के लिए खास मशीनों की जरूरत होती है, जिसकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये है।
इस टेस्ट के लिए मशीन की जरूरत नहीं होती है बल्कि इसमें आरएनए टेंपलेट ( RNA Template ) इस्तेमाल किया जाता है। आरटी लैंप टेस्ट से तीस मिनट में नतीजा मिलता है और एक टेस्ट की लागत 90 रुपये के करीब आएगी। इसका फायदा यह है कि इसे रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों, अस्पतालों, क्लीनिकों में इस्तेमाल किया जा सकता है।