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कोरोना मरीजों को क्वांरटाइन सेंटर में परोसे जा रहे हैं फल और मेवे

सरकार का मानना है कि काजू, किशमिश जैसे मेवे खिलाने से मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होगा और इससे कोरोना वायरस के प्रकोप से छुटकारा पाने में मरीज को मदद मिलेगी।

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Dryfruits

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस ( coronavirus ) का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसलिए पूरे देश में कई जगहों पर क्वॉरंटाइन सेंटर्स ( Quarantine Centers ) बनाए गए हैं ताकि जिन लोगों में इस बीमारी के लक्षण दिख रहे है उन्हें वक्त रहते ठीक किया जा सकें।

अब राज्य सरकारें भी क्वॉरंटाइन में रह रहे लोगों की देख-रेख में कोई कमी नहीं छोड़ रही है। राज्य सरकारें क्वॉरंटाइन में रह रहे लोगों की अच्छी सेहत के लिए उन्हें भरपूर पौष्टिक आहार दे रही हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक आंध्र प्रदेश सरकार कोरोना के मरीजों को काजू, किशमिश और बादाम खिला रही है।

इसके साथ ही खाने की थाली में ड्राय फ्रूट्स के अलावा अंडे और फल भी परोसे जा रहे हैं। सरकार ऐसा का मानना है कि काजू, किशमिश जैसे मेवों से मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और इससे कोरोना वायरस के प्रकोप से छुटकारा पाने में मरीज को मदद मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ( CM Jagan Mohan Reddy ) की पहल पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए शुरू की गई इस पौष्टिक आहार की को ‘गोरुमुद्दा’ मीनू कहा जा रहा है। इसकी खास बात यह है कि उन लोगों को भी खाने के लिए मेव दिए जा रहे है, जिनकी रिपोर्ट आना बाकी है।

आंध्र प्रदेश ( Andhra Pradesh ) की सरकार ने राज्य के सभी क्वॉरंटाइन सेंटर्स को ड्राय फ्रूट्स वाला ‘गोरुमुद्दा’ मीनू सर्व करने को कहा है। हालांकि मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की योजना से न तो पलमोनोलॉजिस्ट इत्तेफाक रखते हैं और न ही डायटीशियंस।

कई मशहूर डायटीशियन ( Dietitian ) का मानना हैं कि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना कोई चुटकियों का खेल नहीं है। बादाम और काजू ( Almonds and Cashews ) जैसे महंगे मेवों पर पैसा खर्च करने के बजाय सोयाबीन, मूंगफली और दाल से भी प्रोटीन की भरपाई की जा सकती है।

Published on:
10 Apr 2020 09:45 am
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