अगर आप हेल्थकेयर और वेलनेस सेक्टर में स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं तो यकीन मानिए कि आप बहुत जल्दी पैसा कमा सकते हैं, जरूरत है तो सिर्फ सही ढंग से प्लानिंग करने की।
भारत में तेजी से ग्रो कर रहे स्टार्टअप फील्ड में युवाओं के पास एंटरप्रेन्योर बनने के सपने को पूरा करने के ढेरों अवसर हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इंडियन स्टार्टअप्स में सर्विस और एग्रीकल्चर सेक्टर के अलावा हेल्थ और वेलनेस का सेक्टर आने वाले 5 वर्षों में सबसे अधिक ग्रोथ दर्ज कराएगा। इसका कारण है भारतीयों में हेल्थ के प्रति बदल रही सोच। हाल ही भारत में पहली बार वेलनेस इंडेक्स जारी किया गया। जिसमें 2000 से अधिक लोगों को शामिल किया गया था। इस सर्वे में औसतन एक व्यक्ति 100 में से केवल 58 पॉइंट ही ले सका लेकिन लोगों में हेल्थ और वेलनेस के प्रति पॉजीटिव सोच भी इस सर्वे में सामने आई।
हजारों-करोड़ों का मार्केट
हेल्थकेयर मार्केट में हेल्थटेक स्टार्टअप के अलावा अन्य स्टार्टअप्स के लिए न्यूट्रिएंट का मार्केट प्रमुख है। ग्लोबली न्यूट्रिएंट्स का मार्केट 12-15 हजार करोड़ का है वर्ष 2022 तक यह मार्केट 21 प्रतिशत ग्रोथ तय कर लेगा। आप बतौर स्टार्टअप अच्छे न्यूट्रिएंट्स के ऑप्शन के साथ मार्केट में उतर सकते हंै।
हर्बल इंडस्ट्री का करें रुख
अमरीका व यूरोप में हर्बल प्रोडक्ट की डिमांड प्रतिवर्ष 11 फीसदी की दर से बढ़ रही है। इसमें सबसे अधिक मांग इंडियन प्रोडक्ट्स की है। चीन के बाद देश की हर्बल इंडस्ट्री का स्थान विश्व में दूसरा है। डिमांड अधिक होने के बाद भी देश की हर्बल इंडस्ट्री ट्रेडिशनल रूट पर ही है। इस सेगमेंट में काम कर सकते हैं।
हेल्थटेक स्टार्टअप सबसे पसंदीदा
देश में हेल्थटेक सेक्टर की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में देश में 4800 से अधिक हेल्थटेक स्टार्टअप हैं। इंवेस्टर भी हेल्थटेक सेक्टर के प्रति आशान्वित दिख रहे हैं। वर्ष 2018 में हेल्थटेक स्टार्टअप को 504 हजार करोड़ की फंडिंग मिली थी।