कम उम्र के बच्चे भी मोटापे से अछूते नहीं रह गए हैं।
नई दिल्ली। हाल में जारी एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि दुनियाभर के करोड़ों लोगों में मोटापे ने अपने आगोश में ले रखा है। इतना ही नहीं कम उम्र के बच्चे भी इससे अछूते नहीं रह गए हैं। हमारे शरीर में वसा एकत्रित करने वाले और उनके प्रसंस्करण के लिए जिम्मेदार रसायनों को 'ओबसोजिन्स' कहा जाता है। इन रसायनों को ही मोटापे के बढ़ते मामलों के लिए संभावित तौर पर जिम्मेदार बताया जाता है। उसमें बताया गया है कि अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं या मोटापे से बचे रहना चाहते हैं, तो जूते पहनकर घर के अंदर जाना छोड़ दें। पुर्तगाल स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एवियरो एवं यूनिवर्सिटी ऑफ बेयारा इंटीरियर के अनुसंधानकर्ताओं ने इस शोध में बताया गया है कि जूते उतारने से व्यक्ति के हृष्ट-पुष्ट रहने में मदद मिल सकती है, क्योंकि यह हार्मोन में बदलाव लाने वाले रसायनों को घर के अंदर इकट्ठा होने से रोकता है।
शोध में शोधकर्ताओं ने यह जानने की कोशिश थी कि घर में सबसे ज्यादा कहां कीटाणु पाए जाते हैं। उन्होंने पाया कि दूषित पदार्थों का सबसे बड़ा स्रोत घरों में मौजूद धूल, आहार और रोजमर्रा के उत्पादों जैसे बरतन, सौंदर्य प्रसाधनों या साफ-सफाई में इस्तेमाल होने वाली चीजें हैं। इन्हीं रोजमर्रा में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं के जरिए ये वजन बढ़ाने वाले ओबेसोजेंस घर में पहुंचते हैं। ओबेसोजेंस एक प्रकार का केमिकल है, जो हार्मोन में दखल देकर वसा के निर्माण में मदद करता है। हालांकि, इन ओबेसोजेंस के निर्माण को कम करने के लिए शोधकर्ताओं ने कई उपाए भी बताएं हैं। उनके अनुसार, यदि लोग ताजे फल और प्रोसेस्ड प्रोडक्ट्स की बजाय ऑर्गेनिक और पेस्टिसाइड-फ्री खाने की चीजें खरीदें, सिंथेटिक क्लीनिंग प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचें, तो बेहतर होगा। घर में प्रवेश करने से पहले जूते उतारने से आप बाहर के स्रोतों के जरिए घर में ओबेसोजेंस लाने से बचते हैं। घर में प्रवेश करने से पहले जूते उतारने से आप बाहर के स्रोतों के जरिए घर में ओबेसोजेंस लाने से बचते हैं।