दुनिया के अमीरों की सूची में एक नया नाम जुड़ गया। ये नाम है मैक्स फोश। दरअसल ये दावा भी मैक्स फोश का ही है कि वे दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन गए। इस रेस में उन्होंने टेक कंपनी के मालिक एलन मस्क को भी पीछे छोड़ दिया। मैक्स फोश एक यूट्यूबर हैं।
अभिनेता अनिल कपूर की एक फिल्म आपको याद होगी नायक, जिसमें में वे एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनते हैं। ये तो रील लाइफ की बात थी, लेकिन कुछ ऐसा ही रियल लाइफ में भी हुआ है। यहां एक शख्स दुनिया का सबसे अमीर आदमी बन गया। दरअसल मैक्स फोश नाम के शख्स का दावा है कि वो दुनिया का सबसे अमीर आदमी बना। इस मामले में उसने टेक अरबपति Elon Musk को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि ये अवधि महज सात मिनट ही रही। मनी टेबल के टॉप पर इस YouTuber का कार्यकाल केवल 7 मिनट यानि बहुत अल्पकालिक ही था।
मैक्स फोश के यूट्यूब पर छह लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। उसने साढ़े आठ मिनट का एक वीडियो बनाया है। वीडियो अपने चैनल पर अपलोड कर मैक्स ने बताया है कि आखिर उसने एलन मस्क को कैसे पीछे छोड़ा!
मैक्स की ओर से एक वीडियो शेयर किया गया है। इसको अब तक 6 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। वीडियो में मैक्स कहता है, 'अगर मैंने लगभग 10 अरब शेयरों की कंपनी 'Unlimited Money Limited' बनाई।
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उसका पंजीकरण कराया और एक शेयर 50 पाउंड में बेचा तो मेरी कंपनी का मूल्य तकनीकी रूप से 500 अरब पाउंड होगा। इस तरह मैं अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एलन मस्क को पूरी तरह से पछाड़कर दुनिया का सबसे अमीर आदमी बन जाऊंगा।'
Max Fosh ने इस वीडियो में दिखाया कि कैसे उसने Unlimited Money Limited नाम से एक कंपनी खोली। अपनी कंपनी रजिस्टर्ड करते वक्त इसे मैक्रोनी नूडल्स बनाने वाली कंपनी बताया। मैक्स ने अपनी कंपनी के 10 बिलियन शेयर इश्यू करने की बात कही और प्रत्येक शेयर का वैल्यू 50 पाउंड तय किया।
मैक्स के लिए ये बड़ी चुनौती थी कि वे अपनी कंपनी का शेयर कैसे बेचें? इसके लिए मैक्स सड़क किनारे कुर्सी-मेज लगाकर बैठ गए और चिल्ला-चिल्ला कर अपनी कंपनी का शेयर बेचने की कोशिश करने लगे। काफी सारी नाकामियों के बाद एक महिला मैक्स की कंपनी का शेयर 50 पाउंड में खरीदने को तैयार हो गई।
इसके बाद मैक्स फोश ने अपनी कंपनी का सही मूल्य पता लगाने की कोशिश की। उन्होंने शेयर के डॉक्यूमेंट और अन्य जरूरी कागजों के साथ इसे अथॉरिटी के पास भेजा। दो हफ्तों में मैक्स को वापस एक लेटर मिला, जिसमें कंपनी की वैल्यू को 500 बिलियन पाउंड का बताया गया।
लेकिन मैक्स के पास अपनी के 500 बिलियन डॉलर का होना प्रमाणित करने के लिए कोई रेवेन्यू या प्रोडक्ट का सपोर्ट नहीं था, लिहाजा उन्हें तुरंत कंपनी बंद करने का आदेश दिया गया। ऐसा ना करने पर उन पर धोखाधड़ी का आरोप लग सकता था।
सिर्फ 7 मिनट में बंद हो गई कंपनी
लेटर मिलने के बाद मैक्स ने तुरंत अपनी कंपनी की इकलौती इन्वेस्टर महिला से बात कर कंपनी को बंद कर दिया। ऐसा करने में उन्हें महज 7 मिनट का वक्त लगा।
मैक्स ने कहा कि वह अथॉरिटी द्वारा भेजे गए इस लेटर को संभाल कर फ्रेम करा देंगे, जो इस बात का प्रमाण होगा कि वह कितने अमीर हैं।
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