हॉट ऑन वेब

वैज्ञानिकों का दावा- कोरोना वायरस को फैलने से रोकेगी समुद्री लाल काई!

रिलायंस के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर (Reliance's Research and Technology Development) में काम कर रहे वैज्ञानिकों ने बताया है कि लाल काई (Marine red algae) से निकले जैविक रसायन की कोटिंग पाउडर तैयार कर के इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे कोरोना के रोकथाम में मदद मिल सकती है।

less than 1 minute read
Apr 12, 2020

नई दिल्ली। कोरोना वायरस (COVID-19) ने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है। हर देश इस महामारी का इलाज ढ़ूँढ़ रहा है। भारत में भी कोरोना के इलाज के लिए कई शोध चल रहे हैं। हाल ही में कोविड-19 से उबरे मरीजों के प्लाज्मा से नए बीमार मरीजों के इलाज की बात सामने आई थी।

कहा जा रहा है कि कोरोना के गंभीर मरीज़ों को यह प्लाज्मा दिए जाने के 72 घंटे में ही उनके लक्षण खत्म होने लगे और हालत में सुधार भी हुआ। इसे कान्वलेसंट प्लाज्मा थैरेपी कहते हैं।

वहीं कोरोना के रोखथाम के लिए भी उम्मीद की एक किरण दिखी है। एक शोध में दावा किया जा रहा है कि समुद्र में पाई जाने वाली लाल काई से कोरोना को फैलने से रोका जा सकता है। ये शोध रिलायंस (Reliance researchers) की तरफ किया गया है।

शोध में दावा किया गया है कि समुद्र में पाई जाने वाली लाल काई (Marine red algae) से निकले जैविक रसायन का उपयोग सैनिटरी आइटम्स पर किया जाए तो कोरोना को रोका जा सकता है। सैनिटरी आइटम्स का मतलब जिसका हम रोजाना इस्तेमाल करते हैं। जैसे सिंक, टॉइलेट, टंकी इत्यादी।

रिलायंस के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में काम कर रहे वैज्ञानिकों ने बताया है कि लाल काई (Marine red algae) से निकले जैविक रसायन की कोटिंग पाउडर तैयार कर के इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे कोरोना के रोकथाम में मदद मिल सकती है।

Published on:
12 Apr 2020 09:49 pm
Also Read
View All