किस्मत बदलते देर नहीं लगती, यह राजा को रंग और रंग को राजा बना सकती है। कुछ ऐसा ही हुआ रूस की एक महिला के साथ। यह महिला सालों से जिस ऑफिस में सफाईकर्मी के तौर पर काम रही थी। अब वो इसी ऑफिस में बॉस बन गई है। रूस के एक चुनाव के दौरान मरिना उदोदस्काया के साथ ऐसा हुआ है।
सच ही कहा है किसी ने ऊपरवाला जब देता है, छप्पर फाड़कर देता है। कुछ लोग हमेशा अपने किस्मत को कोसते रहते है। इस दुनिया में कुछ ऐसे भी होते है जिन्हें भाग्यशाली होेने का सौभाग्य मिला है। कुछ लोग मानते हैं कि सब कुछ कड़ी मेहनत करने से ही मिलता है, जबकि कुछ ऐसे भी मिल जाते हैं, जो जिन्दगी में हर चीज के लिए किस्मत का बलवान होना समझते हैं। किस्मत बदलते देर नहीं लगती, यह राजा को रंग और रंग को राजा बना सकती है। कुछ ऐसा ही हुआ रूस की एक महिला के साथ। यह महिला सालों से जिस ऑफिस में सफाईकर्मी के तौर पर काम रही थी। अब वो इसी ऑफिस में बॉस बन गई है। रूस के एक चुनाव के दौरान मरिना उदोदस्काया के साथ ऐसा हुआ है।
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सफाईकर्मी से बन गईं बॉस
एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस में स्थानीय चुनाव में व्लादिमीर पुतिन की पार्टी की कैंडिडेट निकोलाई के खिलाफ कोई भी उम्मीदवार नहीं खड़ा हुआ था। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता दिखाने के लिए निकोलाई ने अपने ऑफिस में सफाई का काम करने वाली 35 साल वर्षीय मरिना को ही अपने खिलाफ चुनाव मैदार में खड़ा कर दिया। लेकिन अफसोस निकोलाई को इसके बारे में जरा भी अंदाजा नहीं था। मरिना ने उलटफेर करते हुए यह चुनाव जीत लिया। इस विजय के साथ ही उनको 155 किलोमीटर क्षेमें फैले पोवालिका जिले की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही मरिना उस ऑफिस की बॉस बन गई है जहां पर वे सफाईकर्मी के तौर पर काम किया करती थी।
बिना प्रचार के मिले 62 फीसदी वोट
चुनाव जीतने के लिए हर प्रत्याशी अपने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करता है। लेकिन खास बात यह है कि मरिना ने खुद के लिए चुनाव प्रचार भी नहीं किया था। इसके बावजूद उन्होंने 62 प्रतिशत वोट मिल है। अब आप सोच सकते है कि निकोलाई ने खुद किया खूब प्रचार किया था और मरिना ने कुछ भी नहीं किया। इस बाद भी वह निकोलाई पर अपनी ऐतिहासिक जीत दर्ज करने में कामयाब रही। मरिना की से जीत से यह साबित हो गया हैं कि किस्मत बदलते देर नहीं लगती।