दुर्लभ प्रजाति ( Rare Species ) में शामिल हैं दो सिर वाले कछुए सोशल मीडिया पर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना कछुआ
नई दिल्ली। अमेरिकी के वर्जीनिया में दो सिर वाला दुर्लभ कछुआ ( Two headed turtle ) लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह कछुआ एक शख्स को जंगल से मिला था जिसने इसे द वर्जीनिया लिविंग म्यूजियम ( Virginia Living Museum ) को सौंप दिया गया। जिन्होंने फेसबुक पर अपने नए मेहमान का वीडियो साझा किया है।
दरअसल दो सिर वाले जानवरों की अवस्था को पॉलीसिफेली ( Polycephaly ) कहा जाता है। इसके अंतर्गत शारीरिक विकार की वजह से किसी भी जानवर या मनुष्य के दो सिर हो जाते हैं। ऐसा मामला पहली बार 1460 में आया था, जब स्कॉटलैंड ( Scotland ) में दो सिर वाले बच्चे को देखा गया।
संग्रहालय ने पिछले शुक्रवार को "क्वारनस्ट्रीम" नामक अपनी लाइव-स्ट्रीम श्रृंखला में दो प्रमुखों के साथ कछुए को दिखाया। कछुए के फुटेज ( Footage ) को अब तक हजारों बार देखा जा चुका है। इसके बाद से ही ये वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।
एक एक्सपर्ट ने बताया कि आमतौर पर ऐसे दुर्लभ कछुए ( Rare Turtles ) का जीवन मुश्किल भरा होता है ये बात उन्होंने अभी तक के अनुभव के आधार पर कही। एक रिपोर्ट के अनुसार एक हजार में से केवल एक कछुए के जीवित रहने का एक आसार रहते है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सबसे अच्छी देखभाल के बावजूद भी इनके सामने कई कई स्वास्थ्य बाधाएं आती हैं। कभी-कभी तो ये भी होता है कि जब तक इनकी असल परेशानी का पता किया जाता है तब तक बहुत देर हो जाती है। जिसका पता तब तक लगाया जा सकता है जब तक कि जानवर ( Animal ) बूढ़ा न हो जाए।