दुनियाभर में 4.3 करोड़ से अधिक लोग कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित हो चुके हैं। हालांकि 2.8 लोग कोरोना को मात भी दे चुके हैं।
नई दिल्ली। कोरोनावायरस (Coronavirus) ने दुनियाभर में कोहराम मचा रखा है। ताजे आंकड़ों के मुताबिक4.3 करोड़ से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। हालांकि 2.8 लोग कोरोना को मात भी दे चुके हैं। ऐसे में सवाल ये है कि अगर कोरोना की कोई वैक्सीन ही नहीं बनी है तो लोग ठीक कैसे हो रहे हैं और इनका इलाज कैसे हो किया जा रहा है।
कुछ के लिए खतरनाक हो सकता है वायरस
कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों को अस्पताल में भर्ती या फिर घर पर आइसोलेट करके ठीक कर दिया जाता है। इसके साथ ही स्टेरॉयड (Steroids) जैसे डेक्सामेथासोन (Dexamethasone) की मदद से कोरोना के गंभीर मरीजों में मौत की संभावना को कम किया जा सकता है, लेकिन ये दवा सभी को नहीं दी जा सकती है। जो लोग पहले से गंभिर बीमारी से जूध रहे हैं या जिन लोगों में कोरोना के हल्के लक्षण है उनके लिए ये दवाए जानलेवा भी हो सकती हैं।
इम्यूनटी पर निर्भर है सब कुछ
कोरोना से ठीक होने के लिए सबसे जरूरी मरीज की इम्यूनटी है। जितनी अच्छी इम्यूनटी होगी रोगी उतनी जल्दी ठीक हो जाएगा। इसके साथ साथ ही जिन्हें संक्रमण के बाद ज्यादा परेशानी नहीं है वे विशिष्ट दवाओं का सेवन ना करें।
वहीं जो मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और सांस लेने के लिए मशीन पर पर हैं उन्हें रेमेडिसविर और एक स्टेरॉयड दिया जा सकता है। इसके साथ ही हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) और कुछ दवाओं को कोरोना के खिलाफ असरदार नहीं हैं। बता दें जिन मरीज को कोरोना से सांस लेने में तकलीफ होती है तो उन्हें व्यायाम के जरिए सांस लेने लेने की कोशिश करनी चाहिए।