इस अनोखे कैफे में खाएं जी भरकर खाना, नहीं होगी बिल की चिंता, कोई और करेगा Pay

  • Seva Cafe : अहमदाबाद के एक कैफे में लोग सेवा भाव से आते हैं और कामकाज में हाथ बंटाते हैं
  • यह रेस्टोरेंट गिफ्ट इकॉनमी मॉडल पर चलती है। इसमें दूसरा शख्स किसी और का बिल बतौर गिफ्ट पे करता है

By: Soma Roy

Published: 21 Oct 2020, 02:30 PM IST

नई दिल्ली। स्वादिष्ट खाना हर किसी को पसंद होता है। तभी लोग अक्सर अच्छे होटल, रेस्त्रां और कैफे की तलाश में रहते हैं, लेकिन रोज-रोज बाहर का खाना-खाना कई बार जेब पर भारी पड़ जाता है। क्योंकि अच्छे रेस्टोरेंट या कैफे में मनपसंद खाना खाने के लिए आपको अच्छा खासा अमाउंट चुकाना पड़ेगा। मगर अहमदाबाद (Ahmedabad) में एक ऐसा अनोखा कैफे (Unique Cafe) है, जहां आप बिना बिल की टेंशन की जी भरकर खाना खा सकते हैं। मजेदार बात यह है कि इसके लिए आपको बिल अपनी मर्जी से चुकाने की आजादी होगी। यानी आप चाहे 500 रुपए का खाना खाएं या 1000 रुपए का, लेकिन बिल कितना देना है ये आप खुद तय कर सकेंगे।

दरअसल इस अनोखे रेस्टोरेंट का नाम है 'सेवा कैफे' (Seva Café)। दूसरे कैफे से ये बिल्कुल हटकर है। यहां न सिर्फ आपको टेस्टी खाना मिलेगा, बल्कि आपको बिल की भी चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि यहां गिफ्ट इकॉनमी (Gift Economy) का चलन है। इसके तहत आपके खाने का बिल कोई दूसरा व्यक्ति पहले ही दे चुका होता है। ऐसे में आप जब यहां खाना खाने आएं तो आप अपनी मर्जी के अनुसार किसी दूसरे शख्स का बिल भर दें। इस तरह से किसी के पॉकेट पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा।

11 साल से चल रही परंपरा
सेवा कैफे एक अलग तरह का रेस्टोरेंट है, जहां पर सेवा भाव को ही धर्म माना जाता है। पिछले 11 सालों से यह कैफे गिफ्ट इकॉनमी पर चल रही है। इसके तहत आपको खाना खाने के बाद बिल पे नहीं करना होता है, क्योंकि आपका बिल कोई पहले ही दे चुका होता है। ऐसे में जब आप यहां आएं तो आपको भी किसी दूसरे कस्टमर के लिए अपने मर्जी के हिसाब से गिफ्ट पे करना होता है। आप कितना पैसा गिफ्ट करना चाहते हैं ये आप पर निर्भर करता है। इसके लिए कोई आपको फोर्स नहीं करेगा।

वॉलियंटर्स और एनजीओ की मदद से चलता है कैफे
यह कैफे एक एनजीओ की मदद से चलाया जाता है। साथ ही यहां काम में मदद के लिए वॉलियंटर्स हैं। वे पूरी कोशिश करते हैं कि सभी ग्राहकों को संतुष्टि मिल सके। इसलिए हाइजीन और फूड क्वालिटी पर खास ध्यान दिया जाता है। छात्र से लेकर प्रोफेशनल यहां तक की टूरिस्ट भी इस कैफे में फ्री में काम करते हैं। अगर आपको कुकिंग या सर्विंग का शौक है और आप हाथ बंटाना चाहते हैं तो अपने अनुसार काम कर सकते हैं। यह कैफे गुरुवार से रविवार शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक या फिर जब तक 50 गेस्ट पूरे न हो जाएं तब तक खुला रहता है। महीने के आखिर में जो भी पैसा यहां से कलेक्ट होता है उसे चैरिटी के फंड में जमा किया जाता है।

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