
नई दिल्ली: देश नागरिकता संशोधन कानून ( cab ) को लेकर उबल रहा है। देश भर की यूनिवर्सिटी में छात्र इस कानून के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन सबसे ज्यादा उबाल जामिया यूनिवर्सिटी में रविवार को देखा गया। जब शांति से हो रहा धरना-प्रदर्शन उग्र हुआ और कुछ असामाजिक तत्वों ने डीटीसी की 3 बसों समेत अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस सबके बीच एक लड़की जिसका नाम आयाशा रेना ( Ayesha ) है, उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
क्या है वायरल वीडियो में
दरअसल, सोशल मीडिया पर जो वीडियो और फोटो वायरल हो रही है उसमे सबसे ज्यादा चर्चा आयशा की हो रही है। हालांकि, साथ में रही लड़की लदीदा फरजाना की भी बात सोशल मीडिया पर चल रही है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक घर से पुलिसकर्मी एक घर से एक लड़के को बाहर खींच रहे हैं और आयशा लड़के को बचाने की कोशिश कर रही है। आयशा लड़के को बचाने की काफी कोशिश करती है, लेकिन पुलिस वाले उसे बाहर खींचने में कामयाब हो जाते हैं और लाठियों से काफी पीटते हैं। ये सब इस वायरल वीडियो में नजर आ रहा है।
कौन है आयशा
जिस छात्र ने हिजाब पहना है उसका नाम है आयशा रेना और उसके ठीक पीठ हे लदीदा फरजाना। वहीं जिस लड़के को पुलिस पीट रही है उसका नाम है शाहीन अब्दुल्ला। दरअसल, आयशा जामिया यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग में पोस्टग्रेजुएशन की छात्रा है, जिसकी उम्र 22 साल है। आयशा को इससे पहले भी कई प्रदर्शनों में देखा गया है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। आयशा के मुताबिक, शाम के लगभग 5:30 बजे उन्होंने कुछ लोगों को भागकर आते हुए देखा, जिन पर पुलिसवालें लाठियां बरसां रहे थे। ऐसे में वो एक घर में घुस गए, लेकिन गेट पर गाड़ी खड़ी थी तो गेट बंद नहीं हो पाया। वहीं पुलिस ने उन्हें बाहर आने को कहा, लेकिन जब वो बाहर नहीं आए तो पुलिसवालों ने शाहीन अब्दुल्ला को बाहर खींचकर उसे खूब पीटा।
क्या कहना है सोशल मीडिया का
वहीं आयशा की कई ऐसी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें वो अलग-अलग जगह पर अलग-अलग कपड़ों में प्रदर्शन करते हुए नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि आयशा जामिया की छात्रा नहीं बल्कि, यस फाउंडेशन में काम करती है। वहीं जिस घर में ये लोग छुपे थे, वहां के आसपास के लोगों का कहना है कि जिस लड़के को छुपाने की ये लोग कोशिश कर रहे थे। वो पुलिस से बचकर इस घर में आया था। वहीं दूसरी तरफ पुलिस की मानें तो वो प्रदर्शनकारियों में शामिल था।