हुबली

पंचायती राज में प्रवासी भागीदारी: गांव की मिट्टी से जुड़ाव, दूर बसे, दिल से जुड़े

राजस्थान के ब्यावर जिले के छोटे से गांव मोहराई ने विकास की नई मिसाल पेश की है और इस परिवर्तन के केंद्र में हैं गांव के सरपंच देवीसिंह राजपुरोहित। वर्तमान में सरपंच को प्रशासक बनाया हुआ है। अपने दूरदर्शी नेतृत्व और समर्पण के बल पर उन्होंने गांव की तस्वीर ही बदल दी है।

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देवीसिंह राजपुरोहित

देवीसिंह राजपुरोहित न केवल एक कुशल जनप्रतिनिधि हैं, बल्कि एक सफल व्यवसायी भी हैं। उनका बिजनेस नेटवर्क कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश तक फैला हुआ है लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने गांव की उन्नति को प्राथमिकता दी और गांववासियों की भलाई के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए। देवीसिंह राजपुरोहित ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि नीयत नेक हो और सोच दूरदर्शी, तो किसी भी गांव को विकास की ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। देवीसिंह राजपुरोहित की धर्मपत्नी सावरदेवी राजपुरोहित भी गांव की सरपंच रह चुकी है। करीब डेढ़ दशक तक बड़े भाई रेंवतसिंह राजपुरोहित भी गांव के सरपंच रहे।

खेल को मिली नई पहचान
गांव में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो बड़े आधुनिक स्टेडियमों का निर्माण करवाया गया। ये स्टेडियम ग्रामीण युवाओं के लिए प्रशिक्षण, टूर्नामेंट्स और फिटनेस के नए अवसर लेकर आए हैं। ये स्टेडियम 10-10 बीघा जमीन पर तैयार किए गए हैं। यहां चारदीवारी के साथ ही बॉलीबॉल, कबड्डी समेत अन्य खेलकूद की सुविधाएं उपलब्ध है।

बालिकाओं को समर्पित स्कूल
देवीसिंह राजपुरोहित ने गांव में एक बालिका विद्यालय की स्थापना करवाई। यह स्कूल न केवल शिक्षा का माध्यम बना, बल्कि गांव की बेटियों को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर कर रहा है। मातुश्री श्रीमती रुकमाबाई रणछोड़सिंह राजपुरोहित राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय में वर्तमान में आठवीं तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध हैं जहां वर्तमान में 108 विद्यार्थी अध्ययनरत है। इसके लिए राज्य स्तर पर भामाशाह सम्मान से नवाजा गया।

विकास की कई योजनाएं
इन कार्यों के अलावा भी देवीसिंह राजपुरोहित ने सड़कों, जल आपूर्ति, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अनेक पहलें की हैं, जिससे गांव एक आदर्श ग्राम के रूप में उभर रहा है। राजस्थान सरकार के सहयोग से गांव में डेढ़ करोड़ की लागत से उप स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही पशु चिकित्सालय के लिए एक बीघा जमीन का आवंटन किया गया है। राजस्थान सरकार की ओर से समोखी से बलाड़ा तक बीस किमी पक्की सड़क बनाई जा रही है। इस पर करीब साढ़े आठ करोड़ की लागत आएगी।

रोड लाइट से रोशन गांव
मोहराई के हर खंभे पर रोड लाइट उपलब्ध करवाई गई है। ग्राम पंचायत के अन्य गांवों समोखी, डागला एवं ब्रह्मपुरी में सौर ऊर्जा की सुविधा है। सभी गांवों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध है।

Published on:
23 Apr 2025 08:30 pm
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