
Avinash Narne Wife Murder: अविनाश नार्ने ने अपनी पत्नी की हत्या का ऐसा प्लान बनाया, जो ऊपर से देखने में परफेक्ट नजर आ रहा था। पत्नी बाथरूम में, दरवाजा अंदर से बंद, शक की कोई गुंजाइश ही नहीं। अविनाश यह मान बैठा था कि पुलिस भी उसके चश्मे से इस मामले को देखेगी और राजिता सब्बिनेनी यानी उसकी वाइफ की मौत को नेचुरल माना जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जांच अधिकारी के शक ने पूरी कहानी को पलट दिया और पीड़ित नजर आ रहा अविनाश नार्ने अब सलाखों के पीछे है।
अविनाश मूल रूप से तेलंगाना का रहने वाला है और बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमेरिका में नौकरी करता था। राजिता से उसकी शादी 5 जून 2025 को हुई थी और 27 अक्टूबर को उसने अपनी वाइफ को मौत के घाट उतार दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि अविनाश अपनी पत्नी को खाने-पीने में कुछ ऐसा दे रहा था, जिसका टेस्ट कड़वा था। राजिता सब्बिनेनी के चैट रिकार्ड से इसका पता चला है। हालांकि, उसने पत्नी को मारने का दूसरा तरीका चुना और ऐसे दर्शाया जैसे राजिता की मौत महज एक हादसा है।
27 अक्टूबर 2025 को 911 पर एक कॉल आता है। कॉल करने वाला कहता है कि उसकी वाइफ बाथरूम में बंद है और दरवाजा नहीं खोल रही है। पुलिस तुरंत हरकत में आती है और वाशिंगटन की बेलेव्यू स्थित एक अपार्टमेंट में पहुंचती है, जहां सामने होता है अविनाश नार्ने। आंखों में आंसू लिए अविनाश पुलिस को बताता है कि वो किसी काम के लिए करीब 40 मिनट तक घर से बाहर था, जब वापस लौटा तो पत्नी राजिता सब्बिनेनी को बाथरूम में बंद पाया। उसकी तबीयत खराब चल रही थी, संभव है कि उसने कफ सीरप पिया हो और बाथरूम में फिसल गई हो। इसके बाद बाथरूम का दरवाजा तोड़ा जाता है और अंदर मिलती है राजिता की लाश।
पुलिस को घर में किसी तीसरे व्यक्ति की मौजूदगी का कोई सबूत नहीं मिलता। राजिता के शरीर पर भी कोई ऐसा निशान नजर नहीं आता, तो हत्या की तरफ इशारा करता हो। यहां से देखने पर ऐसा लगता है कि राजिता बाथरूम में गई, दरवाजा लॉक हो गया और सफोकेशन से उसकी जान चली गई - यानी साजिश की कोई आशंका नहीं।
अविनाश आश्वस्त था कि पुलिस भी वही देखेगी जो वो दिखाना चाह रहा है। लेकिन जांच अधिकारी को अविनाश नार्ने की कहानी पर शक हुआ। उसके चेहरे के हाव-भाव कुछ और ही बयां कर रहे थे, कुछ ऐसा जिसे केवल एक पुलिस अधिकारी ही समझ सकता है। पुलिस ने राजिता सब्बिनेनी की बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और यहीं से अविनाश की साजिश के परतें उधड़ने की शुरुआत हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि राजिता की मौत दम घुटने के कारण तो हुई है, लेकिन उसका गला दबाया गया है। अब इसकी कोई गुंजाइश नहीं बची थी कि राजिता की मौत नहीं हुई, बल्कि उसे मारा गया है।
इसके बाद पुलिस ने अविनाश की कुंडली खंगालना शुरू की। इसके मोबाइल रिकार्ड ने एक बड़े राज से पर्दा उठाया। यह बात सामने आई कि अविनाश शादी के बाद भी भारत में एक लड़की के संपर्क में था और दोनों के बीच अक्सर बातें हुआ करती थीं। इतना ही नहीं, हत्याकांड वाले दिन भी अविनाश ने उससे कम से कम 4 बार बात की और राजिता की डेडबॉडी की फोटो भी उसे भेजी थी। हालांकि, बाद में उसने फोटो डिलीट कर दी।
इसके अलावा, पुलिस को राजिता और उसके दोस्त के बीच हुई चैट से भी अविनाश पर शक करने की वजह मिली। राजिता ने अपनी मौत से एक दिन पहले दोस्त को बताया था कि अविनाश ने जो स्मूदी बनाई थी, उसका टेस्ट बहुत कड़वा था। राजिता ने अविनाश से भी यही बात पूछी थी। जांच में यह भी सामने आया है कि राजिता ने पहले भी इस तरह की शिकायत की थी।
पुलिस कई महीनों तक अनिवाश के खिलाफ सबूत जुटाती रही। खासकर, कॉल डिटेल और मैसेज से उसे अविनाश को समझने में बहुत मदद मिली। अगर अनिवाश ने भारत में अपनी गर्लफ्रेंड से हत्याकांड वाले दिन चार बार बात नहीं की होती और उसे राजिता की डेडबॉडी की फोटो नहीं भेजी होती, तो शायद जांच लंबी खिंच सकती थी।
इसी तरह, राजिता के स्मूदी को कड़वा बताने वाले मैसेज से भी पुलिस को अविनाश पर शक करने के वजह मिली। इस मामले में सबसे निर्णायक मोड़ रहा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने का खुलासा। इसके बिना पुलिस को अविनाश कर शक का कोई आधार ही नहीं मिलता।
पुलिस ने अविनाश नार्ने को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि उसने राजिता की गला दबाकर हत्या की और फिर उसकी बॉडी को बाथरूम में बंद करके घर से चला गया। फिलहाल ये मामला अदालत में है और अगर अनिवाश को दोषी पाया जाता है, तो उसे उम्र कैद की सजा हो सकती है।