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Bengaluru student suicide: 13 साल की बच्ची की मौत के पीछे क्लासरूम की एक घटना, सुसाइड नोट में अपमान का जिक्र

Bengaluru student suicide: बेंगलुरु के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 8 की 13 साल की छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। परिवार का आरोप है कि टीचर का निकनेम रखने के मामले में हेडमिस्ट्रेस ने उससे तीन दिन तक पूछताछ की, जिससे वह अपमानित महसूस करने लगी।
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सुसाइड (सोर्स: एक्स और आईएएनएस)

सुसाइड प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: एक्स और आईएएनएस)

Bengaluru student suicide: बेंगलुरु शहरी जिले के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 13 साल की एक छात्रा ने गुरुवार को अपने घर पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने बच्ची को बार-बार पूछताछ करके मानसिक रूप से परेशान किया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्लासरूम में हुई एक घटना और उसके बाद हुई पूछताछ का इस मौत से कोई सीधा संबंध है या नहीं।

क्या हुआ था क्लासरूम में

पुलिस के मुताबिक, कक्षा 8 की इस छात्रा और उसकी कुछ सहेलियों ने स्कूल की एक टीचर का मंगलवार को कोई निकनेम रख दिया था। जब यह बात हेडमिस्ट्रेस तक पहुंची, तो उन्होंने बच्चों से इस बारे में पूछताछ शुरू कर दी। जांच में सामने आया कि कुछ बच्चों ने इस निकनेम के लिए मृतक छात्रा का नाम लिया, जिसके बाद उससे तीन दिन तक बार-बार सवाल-जवाब किए गए।

सुसाइड नोट में क्या लिखा

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को हुई इस घटना के बाद छात्रा से लगातार तीन दिन पूछताछ हुई। उन्होंने कहा कि बच्ची के सुसाइड नोट से यह साफ झलकता है कि वह इस पूरे मामले से बेहद शर्मिंदा और अपमानित महसूस कर रही थी। गुरुवार को स्कूल से घर लौटने के बाद उसने यह कदम उठा लिया। शुक्रवार सुबह परिवार को उसका शव मिला।

मां का बयान, बेटी पर लगे आरोप झूठे निकले

छात्रा की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ इतना पता चला था कि स्कूल में किसी टीचर ने उनकी बेटी को परेशान किया, लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम था कि आखिर हुआ क्या था। पुलिस जांच में एक अहम बात सामने आई है, जो पूरे मामले को और गंभीर बनाती है। शुरू में यह अफवाह फैली थी कि छात्रा पर पैसे चोरी करने का आरोप था, लेकिन पुलिस ने साफ कर दिया कि यह आरोप पूरी तरह गलत है।

होमवर्क न करने पर जुर्माना, चोरी का कोई मामला नहीं

पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्कूल में एक पुरानी व्यवस्था के तहत होमवर्क पूरा न करने वाले बच्चों से 10 या 20 रुपये का जुर्माना लिया जाता था। जांच में यही एकमात्र पैसों से जुड़ा मामला सामने आया, और इसका मौत की घटना से कोई लेना-देना नहीं है। अधिकारी ने दोहराया कि चोरी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

विभागीय जांच शुरू, हेडमिस्ट्रेस ने नहीं दिया जवाब

घटना के बाद फील्ड एजुकेशन ऑफिसर जी गुरुमूर्ति ने स्कूल का दौरा किया और विभागीय जांच के तहत परिसर का निरीक्षण किया। सूर्य नगर पुलिस स्टेशन की टीम भी मौके पर पहुंची और शुरुआती जांच की। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में हेडमिस्ट्रेस से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने न कॉल का जवाब दिया, न मैसेज का।

अगला कदम क्या

पुलिस ने इस मामले में अनैचुरल डेथ रिपोर्ट (UDR) दर्ज कर ली है और आगे की जांच जारी है। जांच अधिकारी छात्रों और स्कूल स्टाफ के बयान दर्ज कर रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि क्या हेडमिस्ट्रेस की पूछताछ और कथित अपमान ही इस दुखद घटना की वजह बने।

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