Indore Contaminated Water case: भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा। शनिवार को एमवायएच में 50 साल की सुनीता वर्मा ने दम तोड़ा। वरिष्ठ अफसर अभी भी खेल रहे मीटिंग-मीटिंग।
MP News: देश के सबसे स्वच्छ शहर का देशभर में नाम खराब हुआ है। थू-थू अब भी हो रही है। भागीरथपुरा (Indore Contaminated Water case) में स्थिति सामान्य होने के प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। शनिवार को एक तरफ रेसीडेंसी में मौजूदा हालात और आगे की रणनीति बनाने के लिए वरिष्ठ अफसर बैठक कर रहे थे, उसी दौरान उल्टी-दस्त से पीड़ित महिला जीवन की जंग हार गई। सुनीता वर्मा (50) को चार दिन पहले एमवायएच में भर्ती कराया गया था। जहां शनिवार को हालत बिगड़ने पर उन्होंने दम तोड़ दिया। सुनीता के एक बेटे की पहले ही सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है।
क्षेत्र में उल्टी-दस्त के कारण यह 21वी मौत है। सुनीता की किडनी में संक्रमण की बात भी सामने आई है। इससे उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। परिजन के अनुसार कुछ माह पहले तबीयत खराब हुई थी। इसके बाद काम पर जाना बंद कर दिया था। उल्टी-दस्त से हालत ज्यादा बिगड़ी तो आइसीयू में ही भर्ती रहीं। सरकार ने अब तक 18 परिवारों को दो-दो लाख की सहायता दी है।
परिजन कल्याणी ने तीन-चार दिन पहले उल्टी हुई थी। हम संजीवनी क्लिनिक लेकर गए, जहां से एमवायएच रेफर किया गया। वहां वे आइसीयू में भर्ती थीं। उनके पति सतीश वर्मा किराए का ऑटो चलाते हैं। 15 साल का बेटा अभय वर्मा है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से वे भी काम करती थीं। कुछ दिन पहले तबीयत खराब होने से फिलहाल काम बंद किया था।
नीता के परिजन ने बताया कि स भागीरथपुरा क्षेत्र में दुषित नर्मदा जल आता है। जिस दिन तबीयत खराब हुई, उससे पहले भी गंदा पानी आ रहा था। सभी लोग शुरुआत के पांच मिनट के पानी को फेकने के बाद पानी भरते थे। 27-28 दिसंबर को अलग बदबू वाला पानी सप्लाई हुआ था। रहवासी मोहन ने बताया कि पानी से ड्रेनेज की बदबू आ रही थी। उधर, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि केवल 42 मरीज अस्पतालों में भर्ती है। इनके अलावा 12 मरीज अस्पतालों के आइसीयू में हैं।
जल एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर शनिवार को बैठक में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्थिति की समीक्षा कर कई निर्णय लिए। भागीरथपुरा के हर परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण कराने का निर्णय लिया। यदि किसी प्रकार की समस्या पाई जाती है तो तत्काल उपचार एवं फॉलोअप किया जाएगा। प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य कार्ड दिए जाएंगे। पेयजल शुद्धता की पुष्टि होने पर तीन दिन बाद भागीरथपुरा में नर्मदा पानी सप्लाई किया जाएगा। बोरिंग का पानी पीने लायक नहीं मिलने पर उपयोग न करने की सलाह दी गई। शहर की सभी टंकियों के पानी की जांच का अभियान चलाया जाएगा।
युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभान् चिब ने कहा है घटना के जिम्मेदार महापौर परिषद और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय हैं। वे कैसे बयान देते हैं, उससे पता चलता है कि वे मानसिक बीमार हैं। उन्हें सड़क पर चलने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। चिब ने मोहम्मद अली जिन्ना को जी संबोधित कर देश की आजादी में उनका योगदान बता विवादित बयान दिया। इससे वे ट्रोल होते रहे।
लोगों की मौतों को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सार्वजनिक तौर पर स्वीकारा है। इस पर कांग्रेस ने साफ कहा है कि बातों से कुछ नहीं होता। मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस प्रदेशध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस अपनी मांग पर कायम है कि इंदौर महापौर पर गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज होना चाहिए। मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। वहीँ, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार बोले- डबल इंजन की 20 साल पुरानी भाजपा सरकार में भी लोग पीने के पानी को तरस रहे हैं। जो दूषित पानी पीने को मजबूर कर रहे। उन्हें पद पर रहने का अधिकार नहीं है। (MP News)