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फोन पर अंजान ‘वीडियो कॉल’ से सावधान ! डीपफेक ठगी का चल रहा खतरनाक ट्रेंड

Deepfake fraud: दंपती अपने दसवीं में पढ़ने वाले बेटे की तलाश में सोशल प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे थे। उन्होंने बेटे की स्पष्ट तस्वीर और संपर्क नंबर सार्वजनिक किए थे, ताकि कोई सूचना मिल सके।

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Deepfake fraud

Deepfake fraud (Photo Source - Patrika)

Deepfake fraud: एमपी के इंदौर शहर से हाल ही में सामने आए डीपफेक ठगी के मामले ने साइबर अपराध के नए और खतरनाक ट्रेंड की ओर इशारा किया है। एमआइजी थाना क्षेत्र के एक दंपती ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई कि उनके गुमशुदा बेटे के अपहरण का एआइ जनरेटेड वीडियो भेजकर उनसे एक लाख रुपए ऑनलाइन ठग लिए गए।

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, यह इंदौर ही नहीं बल्कि प्रदेश का पहला दर्ज डीपफेक मामला माना जा रहा है। दंपती अपने दसवीं में पढ़ने वाले बेटे की तलाश में सोशल प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे थे। उन्होंने बेटे की स्पष्ट तस्वीर और संपर्क नंबर सार्वजनिक किए थे, ताकि कोई सूचना मिल सके। इसी जानकारी का दुरुपयोग कर ठगों ने डीपफेक वीडियो तैयार किया और डर का माहौल बनाकर रकम ऐंठ ली।

डीपफेक की पहचान कैसे करें?

आंखों पर रखें नजर

डीपफेक वीडियो में दिखने वाले व्यक्ति की आंखें सामान्य गति से नहीं झपकतीं या तो बिल्कुल नहीं झपकतीं या बहुत देर बाद झपकती हैं। यदि वीडियो में यह प्राकृतिक व्यवहार नहीं दिखे तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

वीडियो को ध्यान से देखें

यदि कोई अनजान नंबर से वीडियो कॉल या क्लिप भेजता है, तो घबराएं नहीं। उसे कुछ सेकंड ध्यान से देखें। चेहरे के हावभाव, होंठों की मूवमेंट और आंखों की गति में असामान्यता डीपफेक का संकेत हो सकती है।

अनजान कॉल से सावधानी

अनजान वीडियो कॉल उठाने से पहले मोबाइल के फ्रंट कैमरे को अंगूठे से ढक सकते हैं। इससे आपकी लाइव तस्वीर रिकॉर्ड या कैप्चर होने से बच सकती है।

सेक्सटॉर्शन में भी बढ़ता इस्तेमाल

केवल डीपफेक तकनीक का उपयोग झांसे तक सीमित नहीं है। ठग एआइ से तैयार अश्लील या आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी कर सकते हैं। ऐसे मामलों में भी आंखों की अस्वाभाविक गतिविधि, चेहरे की लाइटिंग या आवाज का असंतुलन संकेत हो हो सकता है।

यदि डीपफेक का संदेह हो तो वीडियो कॉल पर न करें ये काम

-देर तक कॉल पर बात न करें, तुरंत कॉल काट दें
-कॉल पर रहते समय कोई भुगतान न करें

-किसी भी प्रकार की जानकारी न दें
- फोन को ज्यादा पास करके बात न करें।

-स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम शाखा से संपर्क करें

-स्क्रीन रिकॉर्डिंग या चैट का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें

सोशल मीडिया यूजर्स के लिए जरूरी चेतावनी

-हाई-रिजोल्यूशन (एचडी) या प्रोफाइल पर अपलोड न करें।
-क्लोज-अप सार्वजनिक साइड पोज या पार्शियल डीपी (आधा चेहरा) का इस्तेमाल करें।

गुमशुदगी जैसे संवेदनशील

मामलों में फोटो साझा करते समय गोपनीयता सेटिंग्स का ध्यान रखें। (बदमाश हाई क्वालिटी फोटो का एआई टूल्स से नकली वीडियो तैयार कर ठगी की वारदातें करते हैं।)