CAG- सीएजी रिपोर्ट में जीएसटी चोरी का खुलासा: इंदौर-भोपाल में सप्लायर्स की करतूत, खामोश रहा कर एवं वित्त विभाग
CAG- नितेश पाल, इंदौर. राज्य सरकार आर्थिक तंगी से जूझ रही है और उसके आय के साधनों में लगातार चोरी हो रही है। जीएसटी की चोरी में तो नित नए कारनामे सामने आ रहे हैं। इंदौर-भोपाल में सप्लायर्स की करतूत उजागर हुई है लेकिन कर एवं वित्त विभाग खामोश बैठा रहा। हाल ये है कि इंदौर में 800 किलो की निजी कार से 30 मीट्रिक टन आटा और खाद्य तेल की सप्लाई कर लाखों रुपए टैक्स की चोरी कर ली गई। मप्र वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में सेंध लग गई और वित्त विभाग आंखें बंद कर बैठा रहा। इसका खुलासा नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट से हुआ है। भोपाल में चोरी की दो गाडिय़ों से 310 क्विंटल से सोयाबीन सप्लाई किया।
संदिग्ध वाहनों की ईडब्ल्यूबी जारी कर उनसे माल सप्लाई होना बताया, 7 ऐसे वाहनों की सूची रिपोर्ट में
सीएजी ने माल सप्लाई में इस्तेमाल वाहनों की जानकारी ई-वे बिल (ईडब्ल्यूबी) पर सवाल खड़े किए हैं। संदिग्ध वाहनों की ईडब्ल्यूबी जारी कर उनसे माल सप्लाई होना बताया है। 7 ऐसे वाहनों की सूची रिपोर्ट में दी है।
नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) ने कहा है, जीएसटी विभाग के इंदौर-8 सर्कल में इंदौर से 30 मीट्रिक टन आटा 800 किलो की कार से दिल्ली भेजा गया। गाड़ी के वजन और भेजे माल के वजन में असमानता है। माल की टैक्सेबल वैल्यू 1.05 करोड़ और टैक्स 12.60 लाख रुपए है। इसे भेजने वाले ने रिटर्न तक नहीं भरा।
ऐसा ही एक मामला इंदौर-3 सर्कल में सामने आया जहां दो टू-व्हीलर से लोहे की 7556 चादरें सप्लाई कर दी गईं। हद यह कि भोपाल-5 सर्कल में चोरी की दो गाडिय़ों से 310 क्विंटल से सोयाबीन सप्लाई किया गया। कैग ने टैक्स चोरी में शामिल 7 संदिग्ध वाहनों की सूची भी जारी की
2023 में पूछा सवाल, 2025 में मिला जवाब
संदिग्ध वाहनों से माल सप्लाई के ईडब्ल्यूबी जारी करने पर सीएजी ने अगस्त 2023 में गाड़ी नंबर भेजते हुए जवाब तलब किया गया था। जीएसटी विभाग ने जवाब जून 2025 में दिया। बताया, गाड़ी नंबर के आधार पर जीएसटीआइएन की जानकारी नहीं दी जा सकती है, क्योंकि गाड़ी नंबर के आधार पर सिर्फ दो माह का ही ईडब्ल्यूबी का डेटा निकाला जा सकता है।