NH- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य का अवॉर्ड जल्द जारी करने की संभावना
NH- मध्यप्रदेश में एनएच और अन्य हाईवे की हालत सुधारी जा रही है। यहां यातायात सुगम करने के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर, फ़्लाईओवर, अंडरपास आदि बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग- 52 को भी संवारा जा रहा है। राऊ से मुंबई तक इस हाईवे पर यातायात को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रोजेक्ट बनाया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग को यहां की एक प्रमुख योजना की दिल्ली से अनुमति मिल गई। इसके अंतर्गत राऊ से मुंबई हाईवे पर 6 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य का अवॉर्ड जल्द जारी करने की संभावना है।
प्रोजेक्ट के अंतर्गत राऊ सर्किल के आगे पिगडंबर क्षेत्र में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके साथ ही धामनोद बायपास की शुरुआत एवं अंत बिंदुओं पर फ़्लाईओवर बनाया जाएगा। इतना ही नहीं, हाईवे पर सिरसोदिया जंक्शन पर वाहन अंडरपास का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार इंदौर- महू मार्ग सहित इस राष्ट्रीय राजमार्ग- 52 पर बढ़ते यातायात दबाव कम और सड़क सुरक्षा बेहतर करने में यह प्रोजेक्ट अहम साबित होगा। इसे जल्द पूरा करने की कवायद की जा रही है।
दरअसल राष्ट्रीय राजमार्ग-52 के इस हिस्से के कुछ जंक्शनों को सड़क सुरक्षा के नजरिए से ब्लैक स्पॉट के रूप में भी चिन्हित किया था। लंबे समय से स्थानीय स्तर पर इन स्थानों पर स्थायी समाधान की मांग की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए इन स्थानों पर एलिवेटेड कॉरिडोर, फ़्लाईओवर और वाहन अंडरपास निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
राऊ सर्किल फ़्लाईओवर के आगे पिगडंबर चौराहा क्षेत्र में लगभग 2.1 किमी लंबे 6 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण होगा। धामनोद बायपास के प्रारंभ और अंत बिंदुओं पर लगभग 1.5-1.5 किमी लंबे 6 लेन फ़्लाईओवर बनने हैं। सिरसोदिया जंक्शन पर 6 लेन वाहन अंडरपास भी बनेगा।
इधर विजय नगर इलाके में इंदौर मेट्रो कॉरिडोर पर डिवाइडर पर चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य के बीच विज्ञापन पोल लगाने पर जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने आपत्ति ली और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है। मेट्रो कॉरिडोर के नए डिवाइडर बनाए जा रहे हैं। यहां मिट्टी भरने के बाद पौधे लगाए गए हैं। पाइपलाइन डाली जा रही है, ताकि हरियाली के लिए निरंतर पानी मिलता रहे, लाइटिंग भी की जाएगी। सोमवार को राठौर यहां पहुंचे तो विज्ञापन लगे देखकर निगमायुक्त व अपर आयुक्त से शिकायत की। उनका आरोप था कि जहां अभी काम चल रहा है, वहां पुराने आदेश का हवाला देकर रातोंरात विज्ञापन बोर्ड लगवा दिए। इस मामले में जिम्मेदार अफसरों पर केस दर्ज करवाना चाहिए।