
cm helpline : इंदौर के देपालपुर में शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में माइग्रेशन सर्टिफिकेट को लेकर छात्र और प्राचार्या के बीच विवाद अब प्रदर्शन तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत करने वाले छात्र से प्राचार्य की कथित बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र विद्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्राचार्य सपना भदोरिया के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। आरोप है कि प्राचार्य ने छात्र से कहा कि ‘ सीएम हेल्पलाइन लगाई है तो क्या यहां मुख्यमंत्री ढूंढने आएगा?’ उनकी इस बात पर विवाद हो गया।
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी विद्यालय पहुंचे और छात्रों की शिकायतें सुनीं। छात्र समीन डागर का आरोप है कि माइग्रेशन सर्टिफिकेट को लेकर परेशानी होने पर उसने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत की थी। शिकायत की जानकारी मिलने के बाद प्राचार्या ने कथित तौर पर उससे शिकायत वापस लेने को कहा। इसी बातचीत का एक ऑडियो सामने आया है। ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सामने आए कथित ऑडियो में प्राचार्या की आवाज में यह कहते हुए सुनाई दे रहा है, तूने सीएम हेल्पलाइन लगाई है तो क्या यहां मुख्यमंत्री ढूंढने आएगा? मुख्यमंत्री से ले ले, तुझे ढूंढकर सीएम देगा, मैं क्या करूं? छात्र का आरोप है कि बातचीत के दौरान शिकायत वापस लेने पर माइग्रेशन सर्टिफिकेट देने की बात कही गई, जबकि शिकायत वापस नहीं लेने पर 21 दिन बाद सर्टिफिकेट देने की बात कही गई। छात्र ने शिकायत वापस लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद माइग्रेशन सर्टिफिकेट प्राचार्या के पास होने की बात शिक्षकों द्वारा बताए जाने का उल्लेख करने पर प्राचार्या ने कथित तौर पर इसका प्रमाण लेकर आने को कहा। छात्र पक्ष का कहना है कि पूरी बातचीत का ऑडियो उनके पास सुरक्षित है। हालांकि, ऑडियो की सत्यता और उसमें आवाज किसकी है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मामले को लेकर मंगलवार को अभाविप कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र विद्यालय पहुंचे। मुख्य गेट पर ताला लगा होने के कारण प्रदर्शनकारी छात्रों ने कथित तौर पर ताला तोडकऱ विद्यालय परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद प्राचार्या से बातचीत का प्रयास किया गया। स्थिति की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। पुलिस बल के साथ तहसीलदार संगीता गोलिया और थाना प्रभारी बीना करनावत विद्यालय पहुंचीं। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे और प्राचार्य के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान छात्र हाथों में तख्तियां लेकर ‘इस्तीफा दो’ के नारे लगाते रहे। अधिकारियों के सामने छात्रों ने प्राचार्य के खिलाफ कई शिकायतें रखीं। इनमें कथित जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, क्लर्क के हस्ताक्षर के बिना 35 दिनों से अधिक का आहरण करने, छात्रों एवं कार्यकर्ताओं से कथित अभद्र भाषा में बात करने और युवाओं के खिलाफ थाने में कथित झूठी शिकायत किए जाने जैसे आरोप शामिल हैं। छात्रों ने प्राचार्य के इस्तीफे की मांग की।
इधर प्राचार्या ने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है और वह पांच-सात दिन में स्थानांतरित होकर चली जाएंगी। जब छात्रों से पूछा गया कि क्या आप मेरे से खुश नहीं हैं? तो छात्रों ने एक स्वर में असहमति जताई। अभाविप नगर मंत्री देव चौधरी, इंदौर ग्रामीण (महू) जिला संयोजक शैलेन्द्र चौहान और भाग संयोजक राजू बाथम के नेतृत्व में छात्रों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पांच दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
तहसीलदार संगीता गोलिया ने कहा कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि छात्र और प्राचार्या के बीच मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को लेकर हुई कथित बातचीत से संबंधित बयान भी उनके संज्ञान में आए हैं। जांच के बाद मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।