
Indore news: मध्यप्रदेश के ओरछा में प्रदेश भाजपा की पहली कार्यसमिति की बैठक हुई जिसमें सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश जारी हो गए हैं। अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बोल दिया है कि जिन जिलों में नगर कार्यकारिणी सदस्य, मोर्चा में पदाधिकारी और प्रकोष्ठों में संयोजकों की नियुक्ति नहीं हुई है उन सभी की घोषणा दस दिन के अंदर कर दी जाए। इसके साथ इंदौर में भी हलचल तेज हो गई है, जिसमें कुछ नियुक्ति हो सकती है। कुछ महीनों बाद स्थानीय निकाय के चुनाव का आगाज हो जाएगा। उससे पहले भाजपा अपने संगठनात्मक ढांचे को चुस्त-दुरुस्त और मजबूत करना चाहती है। इसके चलते संगठन की नियुक्तियों पर फोकस किया जा रहा है।
ओरछा में हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इसको लेकर निर्देश भी जारी कर दिए हैं। उन्हें 10 दिन में सभी नियुक्तियां करने के निर्देश दिए हैं जिसमें जिला अध्यक्षों को अपनी कार्यकारिणी सदस्यों के नाम की घोषणा करना है। इस दर्यान सभी मोर्चों के अध्यक्ष व प्रकोष्ठ के संयोजक बचे हुए जिलों के मुखियाओं की नियुक्ति करेंगे। इसके अलावा जिन जिलों में अध्यक्षों की घोषणा हो गई वहां पर उनकी टीम का गठन होगा।
प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाले के गाइड लाइन जारी करने के बाद नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा सक्रिय हो गए हैं। अजा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान से सूची लेकर जिला प्रभारी को सौंप दी है तो अजजा व किसान मोर्चा को भी एक दो दिन में टीम की सूची बनाकर देने का कहा है। इधर, नगर कार्यकारिणी के सदस्यों की सूची बनाई जा रही है। उसमें प्रवक्ता रहे उमेश शर्मा, गोविंद मालू और नरेंद्र सलूजा के बेटों को स्थान दिया जा सकता है।
अब तक नगर भाजपा में सात में से पांच मोर्चा के अध्यक्ष की नियुक्ति हो गई है। अब सिर्फ युवा और अल्पसंख्यक मोर्चा बचा है। युवा मोर्चा में 11 नाम की पैनल बनाकर नगर अध्यक्ष मिश्रा ने प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर को दे दी है। राजनीतिक जोड़ -घटाव के चलते सूची भोपाल में अटक गई। एक माह बाद भी घोषणा नहीं हो सकी। वहीं, बात करें अल्पसंख्यक मोर्चा की तो उसके प्रदेश अध्यक्ष की ही अब तक घोषणा नहीं हो पाई। पार्टी ये तय नहीं कर पा रही है कि मुस्लिम को बनाया जाए या कोई प्रयोग किया जाए। इस फेर में अल्पसंख्यक मोर्चा की सारी नियुक्तियां अटकी हुई हैं।