
Indore news: एमपी में इंदौर के चंदन नगर में हाथी के हमले से ऑटो चालक की मौत मामले में वन विभाग जल्द ही केस दर्ज कर सकता है। वन विभाग की इंदौर रेंज के अधिकारियों की जांच में खुलासा हुआ कि जिस हाथी ने ऑटो चालक पर हमला किया था, वह उज्जैन का है और बिना परमिट शहर में घुमाया जा रहा था। वन विभाग के अधिकारी हाथी मालिक, महावत सहित आधा दर्जन से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुके हैं। अब स्थानीय लोगों के भी बयान लिए जाएंगे।
शुरुआती जांच में महावत ने दावा किया कि इस हाथी को एक फिल्म की शूटिंग के लिए तेलंगाना लेकर गए थे। इसके लिए उन्होंने वन विभाग से मई में परमिट जारी करवाया था, लेकिन वहां से लौटते वक्त कोई परमिट जारी नहीं हुआ। यहां से जाने के लिए जारी परमिट की वैधता सिर्फ एक महीने की थी यानी परमिट एक्सपायर हो चुका था। जांच से स्पष्ट है कि नियमों के विपरीत 798 किमी. से वापस लौटकर हाथी इंदौर में था। वन विभाग के कई नियमों का उल्लंघन पाया।
जानकारी के लिए बता दें कि बीते रविवार को चंदन नगर थाना अंतर्गत राज नगर में हाथी ने ऑटो चालक पर उस वक्त हमला कर दिया था, जब वह उसे गुड़ खिलाने गया था। हाथी के हमले से घायल व्यक्ति की मौत हो गई थी। चंदन नगर पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने वन विभाग को पत्र लिखकर इसके लिए एसओपी बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद वन विभाग ने आसपास के जिन इलाकों में हाथी है, वहां सूचना प्रसारित करवाई है कि इंदौर की सीमा में आने से पहले वन विभाग को सूचना देनी होगी।
वन विभाग को पता चला है कि हमलावर हाथी उज्जैन के निर्मोही अखाड़े का है। इस हाथी को आयोजनों में भेजा जाता था। इसके लिए विजिटिंग कार्ड भी छपवाए गए थे। वन विभाग ने ये कार्ड जब्त कर लिए हैं। जांच से स्पष्ट है कि नियमों के विपरीत हाथी शहर की सीमा में घूम रहा था। इसके लिए वन्य जीवों के कानूनों के तहत बनाए गए नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे मानव संकट उत्पन्न हुआ। वन विभाग जल्द ही इस मामले में वन्य प्राणी अधिनियम की धारा 51, 48, 42 सहित अन्य धाराओं में प्रारंभिक अपराध रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज कर सकता है।
मामले में हाथी मालिक, एक महावत सहित अन्य के बयान दर्ज किए हैं। महावत और मालिक की ओर से बचाव के लिए एक परमिट पेश किया गया था, जो एक्सपायर हो चुका है। शहर में हाथी के भ्रमण के लिए उनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। घटनास्थल पर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान हुए हैं। अन्य लोगों के बयान भी लिए जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। - संगीता ठाकुर, रेंज ऑफिसर, इंदौर रेंज, वन विभाग