
Indore news: घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उन उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है, जिन्होंने अभी तक अपने कनेक्शन की बायोमेट्रिक ई- केवाईसी नहीं कराई है। 17 अगस्त की तय अंतिम तारीख निकलने के बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने उपभोक्ताओं को एक और मौका दिया है। अब 23 अगस्त तक ई-केवाईसी कराई जा सकती है। इसके बाद प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा और 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर व्यावसायिक दर पर खरीदना पड़ सकता है।
गैस एजेंसियों के संचालकों के मुताबिक पिछले करीब एक महीने से ई-केवाईसी कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके चलते बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी बायोमेट्रिक जांच पूरी करा ली है। अब जो उपभोक्ता रह गए हैं, उनके पास प्रक्रिया पूरी कराने के लिए बहुत कम समय बचा है। एजेंसियों को उम्मीद है कि अंतिम तारीख तक अधिकांश उपभोक्ता ई-केवाईसी करा लेंगे।
ई-केवाईसी का उद्देश्य फर्जी गैस कनेक्शनों पर रोक लगाना, अवैध रिफिलिंग को नियंत्रित करना और सब्सिडी का लाभ वास्तविक पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। मौजूदा व्यवस्था में घरेलू उपभोक्ता को 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर करीब 1025 रुपए में मिलता है। इसमें 57 रुपए की सब्सिडी बैंक खाते में वापस आती है। ई-केवाईसी नहीं होने पर यह सब्सिडी भी बंद हो सकती है और कनेक्शन अस्थायी रूप से ब्लॉक या नॉन-सब्सिडी श्रेणी में किया जा सकता है।
ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर आधार कार्ड, एलपीजी पासबुक और बायोमेट्रिक यानी अंगूठे के निशान के जरिए प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। इसके अलावा पेट्रोलियम कंपनियों के मोबाइल ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। यानी घर बैठे भी ई-केवाईसी पूरी की जा सकती है। अब 23 अगस्त अंतिम मौका है। इसके बाद ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ सकता है।
इस मामले को लेकर गैस कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि किसी उपभोक्ता को केवाईसी से संबंधित एसएमएस प्राप्त हुआ है तो उसे इसे गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन कराना चाहिए। इससे गैस सिलेंडर की आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी और भविष्य में भी एलपीजी सेवा का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहेगा।