इंदौर

इंदौर में लगातार हो रहे हादसे… फिर भी नहीं लिया जा रहा सबक

Continuous Accidents In Indore : आखिर कब सबक लेंगे हम? ऐसा नहीं की ये घटनाएं एक दो ही है बल्कि पिछले कुछ वर्षों से लगातार हो रही है, लेकिन सरकारी महकमा आज तक सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं जुटा पाए
2 min read
Indore Fire Tragedy
Continuous Accidents In Indore (Photo Sout)

Indore Fire Tragedy : मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में आगजनी की घटनाएं लगातार हो रही हैं। दीपावली पर महिंद्रा शोरूम के ऊपर लगी आग में कांग्रेस नेता और उनके परिजन की मौत हो गई। इस घटना का घाव भरा नहीं था कि अब ग्रेटर ब्रजेश्वरी में मनोज पुगलिया के घर पर आग लग गई। परिवार के 8 सदस्यों की जिंदा जलने से मौत हो गई। ऐसा नहीं की ये घटनाएं एक दो ही है बल्कि पिछले कुछ वर्षों से लगातार हो रही है, लेकिन सरकारी महकमा आज तक सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं जुटा पाए।

रिहायशी इलाकों में बढ़ी घटनाएं रिहायशी इलाकों से लेकर गोदाम और व्यावसायिक क्षेत्रों तक आग की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। कई मामलों में फायर सेफ्टी उपकरण या तो मौजूद नहीं थे या समय पर काम नहीं कर पाए। संकरी गलियां, एक ही एंट्री-एग्जिट और अवैध निर्माण भी बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित जांच, सख्त नियमों का पालन और लोगों में जागरूकता जरूरी है। जब तक फायर सेटी को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी तब तक ऐसे हादसे रुकना मुश्किल है।

फिर ढाक के तीन पात

एबी रोड पर एक कमर्शियल कॉ्ह्रश्वलेक्स में लगी आग के बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने सभी एसडीएम के नेतृत्व में टीम बनाकर बिल्डिंगों की जांच कराई थी। उसमें फायर सेफ्टी के साथ उपकरणों की भी जांच की गई थी। मुहिम के दौरान कई बिल्डिंगों को सील किया गया था, लेकिन राजनीतिक दबाव व व्यापारियों के व्यवस्था करने के शपथ पत्र दिए जाने के बाद उसे खोल दिया गया। समय के साथ मामला ठंडा पड़ गया।

हाल ही में हुईं घटनाएं

-अक्टूबर 2025 : विजय पैलेस के एक घर में भीषण आग। 11 वर्षीय रहमान की दम घुटने से मौत, परिवार के 5 सदस्य गंभीर घायल।

-अक्टूबर 2025 : पेंट हाउस में आग लगने से कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल की मौत, बेटी सौ्या घायल।

-नवंबर 2025 : राऊ के केमिकल गोदाम में भीषण आग, दो महिला श्रमिकों की जलकर मौत।

-मई 2022 : स्वर्णबाग हादसे में 7 लोगों की मौत, कई अन्य घायल।

-अप्रैल 2017 (रानीपुरा बाजार) : पटाखा गोदाम में आग से 7 लोगों की मौत, आसपास की दुकानों तक आग फैली।

अक्टूबर 2011: पटाखा कारखाने में धमाके के बाद आग, 7 लोगों की मौत।

अप्रैल 2024: आंबा चंदन गांव में अवैध पटाखा फैक्टरी में आग, कई मजदूर बुरी तरह झुलसे। मौतों की खबर भी सामने आईं।

Updated on:
19 Mar 2026 12:56 pm
Published on:
19 Mar 2026 12:39 pm