19 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इंदौर अग्निकांड का भयावह मंजर : बच्ची किचन में भागी, अंदर रखा सिलेंडर फटा… अंग बिखर गए

Indore Fire Tragedy : मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर के ग्रेटर बृजेश्वरी में हुए अग्निकांड ने 8 जानों को लील लिया। पुलिस जांच के मुताबिक, यहां रात के समय इलेक्ट्रिक व्हीकल में चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट के चलते भड़की आग ने चंद मिनटों में पूरे मकान को अपनी जद में ले लिया। […]

2 min read
Google source verification
Indore Fire Tragedy

इंदौर अग्निकांड का भयावह मंजर (Photo Source- Patrika Input)

Indore Fire Tragedy :मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर के ग्रेटर बृजेश्वरी में हुए अग्निकांड ने 8 जानों को लील लिया। पुलिस जांच के मुताबिक, यहां रात के समय इलेक्ट्रिक व्हीकल में चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट के चलते भड़की आग ने चंद मिनटों में पूरे मकान को अपनी जद में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि, तीन मंजिला घर में सब कुछ जलकर राख हो गया। घर की सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी सिस्टम पुख्ता गेट लगे थे। लेकिन शॉर्ट सर्किट के कारण बिजली गुल होने के चलते इलेक्ट्रिक लॉक्स ने काम करना बंद कर दिया, जिसके चलते जो लोग जैसे-तैसे बचकर बाहर तक आ भी गए, वो मेन गेट न खुल पाने के कारण अंदर ही फंसे रह गए।

वहीं, हादसे वाले घर के पड़ोस में रहने वाली टीना निगम ने बताया कि, रात 3 बजे पड़ोसी ने शोर मचाकर उठाया कि सामने वाले घर (मेरे घर से 100 मीटर दूर) में आग लगी है। बाहर देखा तो कार में आग लगी थी। मैं पति राजेंद्र निगम और बेटे सान्निध्य के साथ उधर दौड़ पड़े। कॉलोनी के लोग भी वहां पहुंचने लगे। सभी पुगलिया परिवार को आवाज लगा रहे थे, तभी कार में धमाके होने लगे। आग बैटरी वाली कार से शुरू हुई और कुछ देर में पास रखी बाइक और स्कूटर तक जा पहुंची। धीरे-धीरे दरवाजे से होकर किचन तक चली गई। इस दौरान कॉलोनी के 100 से ज्यादा लोग आग बुझाने और लोगों को बचाने में जुटे रहे।

'फायर ब्रिगेड का टैंकर 40 मिनट लेट आया, वो भी आधा..'

टीना निगम ने बताया कि, फायर ब्रिगेड का टैंकर सूचना के अनुसार, बताए समय से 40 मिनट लेट आया, वो भी आधा भरा। वो कार की आग बुझाने में ही खत्म हो गया। इस दौरान आग विकराल हो रही थी, घर में परिवार के लोग चीख रहे थे। फिर दूसरा टैंकर भी 20 मिनट लेट आया। घर में धुआं फैल चुका था। दमकल और रहवासियों ने ऊपरी मंजिल की गैलरी पर लगी लोहे की जाली काटी और मनोज के तीनों बेटों और उनकी मां सुनीता को बाहर निकाला। इस दौरान मनोज भैया भी दिखे, लेकिन बाद में वे वापस किसी को लेने चले गए, फिर नहीं लौटे। उनके बेटे सौरभ के साले का परिवार बिहार से आया था। वे पति-पत्नी और दो बच्चों के साथ नीचे वाले कमरे में थे, लेकिन दरवाजा नहीं खुल रहा था। उन्हें निकालने मनोज नीचे गए, लेकिन गेट नहीं खुला और वे फंस गए। इस दौरान घर में अंधेरा था और धुआं बढ़ रहा था।

…तो शायद कुछ लोग बच जाते'

10-12 साल की लड़की किचन की ओर भागी तो वहां रखा गैस सिलेंडर फट गया, जिससे लड़की के अंग इधर-उधर बिखर गए। सुबह 6 बजे पता चला कि, सिमरन भाभी की मौत हो गई है। वो 4 माह की गर्भवती थीं। हाल ही में हमने परिवार के साथ फाग उत्सव मनाया था। मनोज भैया ने मकान को कवर्ड करा दिया था। जालियां लगने से लोग भीतर नहीं घुस सकें और ना ही वे बाहर निकल सके। फायर ब्रिगेड अगर जल्दी आती तो शायद हम परिवार को सही वक्त पर बचा लेते।