इंदौर

15 अगस्त को आजाद हुआ देश, इंदौर में 1 दिन पहले बदली थी सत्ता, सौंपा था ब्रिटिश क्राउन

Independence Day 2026: 15 अगस्त 1947 से एक दिन पहले 14 अगस्त को महू पर ब्रिटिश क्राउन का अधिकार होलकर राज्य को वापस सौंप दिया गया था।
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Aug 14, 2026
Independence Day 2026: सत्ता के बदलाव की कहानी (Photo Source - Patrika)
Independence Day 2026: सत्ता के बदलाव की कहानी (Photo Source - Patrika)

Independence Day 2026: आजादी की तारीख 15 अगस्त 1947 थी, लेकिन इंदौर और उसके आसपास सत्ता के बदलाव की कहानी एक दिन पहले ही शुरू हो गई थी। 14 अगस्त को महू पर ब्रिटिश क्राउन का अधिकार होलकर राज्य को वापस सौंप दिया गया, यानी ब्रिटिश शासन की व्यवस्था का एक अहम अध्याय समाप्त हो गया। इस घटनाक्रम का उल्लेख 1953 में मध्य भारत हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के एक फैसले में मिलता है। इतिहासकार डेंजिल लोबो के अनुसार पुराने न्यायिक रिकॉर्ड के मुताबिक महू को ब्रिटिशों ने सैनिकों की तैनाती के लिए इस्तेमाल किया था। बाद में यह ब्रिटिश कैंटोनमेंट के रूप में विकसित हुआ, लेकिन 14 अगस्त 1947 को ब्रिटिश क्राउन प्रतिनिधि ने महू का अधिकार होलकर राज्य को वापस सौंप दिया।

तब होलकर सरकार की ओर से भी अधिसूचना जारी की गई। ये घटनाक्रम इंदौर के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि महू उस समय होलकर राज्य की राजनीतिक-सैन्य व्यवस्था से जुड़ा हुआ था। ऐसे में आजादी की पूर्व संध्या पर महू में हुआ सत्ता हस्तांतरण इंदौर की तत्कालीन रियासती व्यवस्था में आए बड़े बदलाव का हिस्सा था।

आजादी के बाद भी महू की पहचान बदलती रही

दिलचस्प बात यह है कि 15 अगस्त 1947 के बाद महू की कानूनी स्थिति तुरंत स्थिर नहीं हुई। रिकॉर्ड के अनुसार ब्रिटिश कैंटोनमेंट से जुड़े पुराने कानूनों की स्थिति बदली और महू को लेकर यह सवाल सामने आया कि वह कानूनी रूप से कैंटोनमेंट टाउन है या नहीं। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ। इसके कुछ समय बाद 9 फरवरी 1950 को मध्य भारत सरकार ने महू में स्थान नियंत्रण विधान लागू किया। बाद में इसी कानून की वैधता को लेकर विवाद अदालत तक पहुंचा।

इंदौर की आजादी की कहानी का अनदेखा पन्ना

इस पूरे घटनाक्रम को देखें तो इंदौर की आजादी की कहानी सिर्फ 15 अगस्त 1947 तक सीमित नहीं थी। इंदौर की होलकर रियासत और उससे जुड़े महू में 14 अगस्त 1947 से सत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था के बदलाव की शुरुआत हो गई थी। इसके बाद संविधान लागू होने और मध्य भारत के गठन के साथ यह क्षेत्र धीरे-धीरे नई भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनता गया।स्वतंत्रता दिवस पर जब इंदौर अपने आजादी के इतिहास को याद करेगा, तब महू से जुड़ा यह पुराना अदालती रिकॉर्ड उस दौर की एक दिलचस्प तस्वीर सामने रखता है। देश के स्वतंत्र होने से ठीक एक दिन पहले इंदौर की धरती से जुड़े महू में ब्रिटिश हुकूमत का अधिकार खत्म हो चुका था।

1950 में फिर बना कैंटोनमेंट

महू की स्थिति में अगला बड़ा बदलाव 8 जुलाई 1950 को आया। भारत सरकार ने महू को कैंटोनमेंट टाउन घोषित किया। यानी जिस महू में 14 अगस्त 1947 को ब्रिटिश अधिकार से होलकर राज्य को सत्ता वापस मिली थी, उसी महू को आजादी के करीब तीन साल बाद नए भारतीय प्रशासन के तहत फिर से कैंटोनमेंट की वैधानिक पहचान मिली।

Updated on:
14 Aug 2026 04:45 pm
Published on:
14 Aug 2026 04:45 pm