
Indore news: इंदौर सहित मध्यप्रदेश में एक के बाद एक फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज में सामने आई तकनीकी खामियों के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के करीब 1500 इंजीनियरों की तकनीकी दक्षता को परखा जाएगा। अब विभाग के इंजीनियरों का तकनीकी ज्ञान परीक्षण होगा।
इसके लिए विभागीय परिपत्रों, दिशा-निर्देशों और तकनीकी मानकों से जुड़े सवालों की प्रश्नावली भरवाई जाएगी। इस परीक्षा के जरिए यह परखा जाएगा कि इंजीनियर विभाग के जारी निर्देशों को पढ़ते, समझते और उनका पालन करते हैं या नहीं। जो इंजीनियर तय मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें फिलहाल मैदानी पदस्थापना से हटाया जाएगा। इसके बाद उनका विशेष प्रशिक्षण कराया जाएगा, ताकि वे विभागीय परिपत्रों, नई निर्माण तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी प्रक्रियाओं की बेहतर समझ विकसित कर सकें। प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं होगा।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी इंजीनियरों की परीक्षा ली जाएगी और संतोषजनक प्रदर्शन करने पर ही उन्हें प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य है कि प्रशिक्षण में शामिल प्रत्येक अधिकारी और इंजीनियर केवल प्रमाण-पत्र लेकर न लौटे, बल्कि नई तकनीकी जानकारी हासिल कर उसका उपयोग निर्माण कार्यों में भी करे। प्रशिक्षण की विषयवस्तु को मैदानी जरूरतों, नवीन निर्माण तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों से फीडबैक लिया जाएगा।
हाल ही में पोलो ग्राउंड रेलवे ओवरब्रिज पर 90 डिग्री का तीखा घुमाव बनाए जाने को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। इसके अलावा राजेंद्र नगर रेलवे ओवरब्रिज भी तकनीकी कमियों के कारण चर्चा में रहा। इन घटनाओं के बाद इंजीनियरों के तकनीकी ज्ञान और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। इसी के बाद विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है।
पीडब्ल्यूडी ने स्पष्ट किया है कि 15 सितंबर को अभियंता दिवस पर दिए जाने वाले लोक निर्माण पुरस्कारों में भी अब कार्यकुशलता को सबसे अधिक महत्व दिया जाएगा। चयन में उत्कृष्ट निर्माण कार्य, नवाचार, गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित में किए गए प्रभावी कार्यों को आधार बनाया जाएगा। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर रहेगा, ताकि विभागीय निर्देश केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर निर्माण कार्यों में भी दिखाई दे।