
Father Daughter Love: पिता का प्यार शब्दों में नहीं, बल्कि त्याग में दिखाई देता है। फादर्स डे पर इंदौर के पंकज शर्मा की कहानी ऐसे ही समर्पित पिता की मिसाल है, जिन्होंने चमक- दमक से भरी फिल्मी दुनिया को छोड़ बेटी के सपनों को प्राथमिकता दी। आज उनकी बेटी पलक(Indore Diver Palak Sharma) नाम रोशन कर रही है। पलक ने अपने परिवार की झोली खुशियों से भर दी है। वह रेलवे में टीसी के पद पर कार्यरत होने के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई स्वर्ण पदक जीत चुकी है।
पंकज शर्मा ने फिल्मों, टीवी सीरियलों और विज्ञापनों की दुनिया में अपनी पहचान बनाई थी। वह नामदेव कलाकारों के साथ काम कर चुके हैं। इसके अलावा धारावाहिकों के साथ वह कई बड़े विज्ञापनों में भी नजर आ चुके हैं। उन्होंने अपने करियर से ज्यादा महत्व बेटी पलक के भविष्य को दिया और पूरी तरह उसके प्रशिक्षण, पढ़ाई और खेल पर ध्यान केंद्रित कर दिया।
पंकज ने पलक की प्रैक्टिस और पढ़ाई में संतुलन बनाने के लिए चार स्कूल तक बदलवाए। कोरोना काल में जब स्विमिंग पूल बंद हो गए, तब उन्होंने घर की छत को ही अयास का मैदान बना दिया। खेल पर पूरा ध्यान रहे, इसके लिए उन्होंने फिल्म "दंगल" की तरह बेटी के बाल तक छोटे करवा दिए।
पिता के समर्पण का परिणाम है कि पलक शर्मा आज देश की चर्चित खिलाडिय़ों में शामिल हैं। उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, मध्यप्रदेश का सर्वोच्च खेल सम्मान एकलव्य पुरस्कार और मालवा पुरस्कार मिल चुका है। वे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और इंदौर सेफ सिटी योजना की ब्रांड एंबेसडर भी रह चुकी हैं। वर्ष 2019 में एशियन एज ग्रुप चैंपियनशिप में पलक ने महिला गोताखोर(Indore Diver Palak Sharma) के रूप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। हाल ही में बेटी पलक ने घुड़सवारी में स्वर्ण पदक जीत अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।