
Indore news: एमपी के इंदौर शहर में नौकरी का सपना दिखाकर इंदौर बुलाना, फिर कथित तौर पर मर्जी के खिलाफ एक परिसर में रखना और परिचितों से निवेश कराने का दबाव बनाना। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में संचालित 'ड्रीम लाइफ वेलनेस' नामक कंपनी के खिलाफ ऐसी गंभीर शिकायत आई है। सात युवतियां परिजनों और वकील के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचीं और मदद की गुहार लगाई।
शिकायत को गंभीर मानते हुए पुलिस कमिश्नर कार्यालय के निर्देश पर राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने कंपनी और उससे जुड़े हॉस्टल में पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित युवतियों ने आरोप लगाया कि करीब दस दिन पहले उन्हें 141 किमी. दूर रतलाम से नौकरी दिलाने का भरोसा देकर इंदौर बुलाया गया। यहां राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के रेती मंडी स्थित एक परिसर में रखा गया, जहां पहले से 25 से 30 अन्य युवतियां भी मौजूद थीं। उनका कहना है कि उन्हें अपनी इच्छा के विरुद्ध वहीं रोककर रखा गया और बाहर जाने की स्वतंत्रता नहीं थी।
युवतियों के अनुसार, कंपनी में उनसे कहा गया कि वे अपने रिश्तेदारों और परिचितों को फोन कर कंपनी से जोड़ें और उनसे निवेश कराएं। बदले में अच्छी कमाई का वादा किया गया, लेकिन उन्हें कोई भुगतान नहीं किया गया। युवतियों का आरोप है कि उन्होंने कंपनी संचालकों को आपस में उन्हें अहमदाबाद भेजने की चर्चा करते सुना, जिसके बाद वे घबरा गईं। किसी तरह उन्होंने रतलाम पुलिस से संपर्क किया और फिर इंदौर पहुंचकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि कंपनी 'ड्रीम लाइफ वेलनेस' और 'महादेव एंटरप्राइजेस के नाम से संचालित हो रही है। शिकायत के अनुसार, युवतियों को 7 हजार रुपए प्रतिमाह और रहने-खाने की सुविधा का लालच देकर बुलाया गया था। बाद में उनसे अपने परिचितों से 16 हजार रुपए का निवेश कराने का दबाव बनाया गया। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ताओं में कुछ नाबालिग भी शामिल हैं, जिसकी भी जांच की जा रही है।
एसीपी निधि सक्सेना ने बताया कि पुलिस ने कंपनी, हॉस्टल और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। बंधक बनाकर रखने, मानव तस्करी या अन्य किसी आपराधिक पहलू की भी जांच की जा रही है। अब तक आधा दर्जन अधिक युवतियों को सुरक्षित पुलिस संरक्षण में लिया गया जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।