
Indore News :मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के डॉ. आंबेडकर नगर (महू) में पातालपानी से कालाकुंड के बीच हेरिटेज ट्रेक पर चलने वाली हेरिटेज ट्रेन को रेलवे ने सप्ताह में पांच दिन चलाने का निर्णय लिया है। इसकी शुरूआत मंगलवार से होना प्रस्तावित था, हालांकि सोमवार शाम को आदेश जारी होने के बाद मंगलवार के सफर के लिए पर्याप्त सीट की बुकिंग नहीं हो सकीं, जिसके चलते रेलवे की ओर से ट्रेन शेड्यूल में एक बार फिर बदलाव किया है।
रतलाम मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक से मिली जानकारी अनुसार, पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन के संचालन को लेकर रेलवे ने बदलाव किया है। ट्रेन नंबर 52965/52966 का संचालन अब 29 सितंबर के बजाय 30 सितंबर से अपने निर्धारित समय पर शुरू होगी। 28 सितंबर की रात जारी आदेश में संचालन की तारीख एक दिन आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे
मिली जानकारी के अनुसार वाणिज्यिक विभाग के लिखित मेमो के आधार पर ट्रेन के संचालन की तारीख में बदलाव किया गया है। दस्तावेज में ट्रेन में पर्याप्त ऑक्यूपेंसी नहीं होने का उल्लेख करते हुए 29 सितंबर के बजाय 30 सितंबर से सेवा शुरू करने की बात कही गई है।
गौरतलब है कि, पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र है। पश्चिम रेलवे द्वारा इस मार्ग पर हेरिटेज ट्रेन का संचालन पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। हाल के दिनों में पर्यटकों की मांग बढ़ने के कारण इसके संचालन के दिनों में भी विस्तार किया गया है। ये ट्रेन अब सप्ताह में तीन दिन के बजाए पांच दिन चलाई जाएगी। फिलहाल, नए शेड्यूल के अनुसार 30 सितंबर से ट्रेन का संचालन होगा।
ट्रेन नंबर 52965 पातालपानी-कालाकुंड सुबह 11.05 बजे पातालपानी से रवाना होगी और दोपहर 1.05 बजे कालाकुंड पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 52966 दोपहर 3.34 बजे कालाकुंड से रवाना होकर शाम 4.30 बजे पातालपानी पहुंचेगी। इस दौरान पर्यटक करीब 9.5 किमी लंबे ऐतिहासिक रेलखंड से गुजरेंगे। पहाड़ों के बीच घुमावदार ट्रैक, घाटियां, झरने और बारिश के बाद चारों तरफ छाई हरियाली इस सफर को खास बना रही है।
पातालपानी-कालाकुंड रेलखंड करीब 148 साल पुराना है और पुराने मीटरगेज नेटवर्क का हिस्सा रहा है। ब्रॉडगेज विस्तार के दौरान इस हिस्से को संरक्षित रखा गया। दिसंबर 2018 में यहां हेरिटेज ट्रेन की शुरुआत हुई थी। इसके बाद से यह इंदौर-मालवा क्षेत्र के प्रमुख रेल पर्यटन आकर्षणों में शामिल हो गई है। बारिश के बाद पहाडिय़ों पर उभरने वाली हरियाली, झरनों की धार और घाटियों के बीच से गुजरती ट्रेन इस समय पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है। यही वजह है कि पर्यटन सीजन में ट्रेन की मांग लगातार बढ़ रही है।