इंदौर

दुर्लभ IgG4 बीमारी पर इंदौर में जुटे दुनियाभर के विशेषज्ञों ने चेताया ‘हर गांठ कैंसर नहीं’

IgG4 Disease Symptoms: 15 साल पहले पहली बार डायग्नोज की गई दुर्लभ बीमारी IgG4 बीमारी ने बढ़ाई थी विशेषज्ञों की चिंता, एशिया में पहली बार आयोजित की गई कॉन्फ्रेंस में पहुंचे दुनियाभर के एक्सपर्ट्स ने किया खुलासा, बोले-हर गांठ कैंसर नहीं होती, बताया क्या हैं IgG4 के लक्षण, क्या है ये बीमारी?
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Jul 13, 2026
IgG4 Disease Symptoms Tumor Causes in Human Body
IgG4 Disease Symptoms Tumor Causes in Human Body: दुनियाभर के डॉक्टर्स ने चेताया, शरीर में क्यों होती है गांठ? बताया हर गांठ कैंसर नहीं होती। (photo: patrika creative)

IgG4 Disease Symptoms and Treatment: शरीर में गांठ या ट्यूमर दिखते ही अकसर मरीज और परिजन कैंसर की आशंका से घबरा जाते हैं, लेकिन हर ट्यूमर कैंसर नहीं होता। कई मामलों में इसकी वजह आइजीजी फोर रिलेटेड डिजीज जैसी दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारी भी हो सकती है, जो शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकती है। सही समय पर जांच और विशेषज्ञ तक मरीज पहुंच जाए तो कई गंभीर मरीजों में भी इलाज से उल्लेखनीय सुधार संभव है।

IgG4 रिलेटेड डिजीज 2026 कॉन्फ्रेंस में भारत, जापान, इटली समेत कई देशों के एक्सपर्ट शामिल

रविवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित आइजीजी फोर रिलेटेड डिजीज 2026 कॉन्फ्रेंस में भारत, जापान, इटली समेत कई देशों के विशेषज्ञों ने इस बीमारी की पहचान, जांच और आधुनिक उपचार पर चर्चा की। कॉन्फ्रेंस ऑर्गनाइजर डॉ. सौरभ मालवीय ने बताया, सम्मेलन में 20 से अधिक विशेषज्ञ और करीब 350 डॉक्टर शामिल हुए। चार वैज्ञानिक सत्रों में 50 से ज्यादा रिसर्च पेपर, केस प्रेजेंटेशन और पैनल डिस्कशन के माध्यम से बीमारी के नए पहलुओं पर चर्चा की गई।

15 साल पहले पहचान में आई बीमारी, अब बढ़ रहे डायग्नोसिस

यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी दुर्लभ बीमारी है। इसमें आइजीजी 2 नामक इम्यूनोग्लोबुलिन की असामान्य वृद्धि के कारण शरीर के विभिन्न अंगों में सूजन और फाइब्रोसिस विकसित होने लगता है। यह बीमारी आंख, पैंक्रियाज, किडनी, हृदय, पिट्यूटरी ग्रंथि, नाक, गला, लार ग्रंथियों सहित लगभग किसी भी अंग को प्रभावित कर सकती है।

2011 के बाग बेहतर हुई पहचान

2011 के बाद इस बीमारी के वर्गीकरण मानदंड विकसित होने से दुनियाभर में इसकी पहचान बेहतर हुई है। यह बीमारी किसी भी विशेषज्ञ के पास पहुंच सकती है। इसलिए न्यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, ईएनटी विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, कार्डियोलॉजिस्ट और रूमेटोलॉजिस्ट सहित सभी चिकित्सकों के लिए जानकारी आवश्यक है।

lgG4 Disease Symptoms: दुर्लभ बीमारी को लेकर चर्चा इंदौर में संपन्न। IgG4 Related Disease 2026 Conference Indore में दुनियाभर के एक्सपर्ट पहुंचे। (photo:patrika)

यह सिस्टमिक डिजीज है, एक अंग में मिले तो बाकी अंगों की भी जांच करें

जापान के प्रो. हिसानोरी उमेहारा ने बताया, यह एक सिस्टमिक बीमारी है। बीमारी के कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन आनुवंशिक प्रवृत्ति, वायरल संक्रमण, पर्यावरणीय कारक और इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी संभावित कारण माने जाते हैं। उपचार में स्टेरॉयड, इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं और जरूरत पड़ने पर रिटुक्सिमैब जैसी बायोलॉजिकल थेरेपी प्रभावी साबित हो रही है। मुंबई के डॉ. रोहिणी सामंत ने कहा, मरीजों में लक्षण आने में 6-8 महीने तक लग सकते हैं। एक अंग में बीमारी मिले तो बाकी अंगों की भी जांच करवाना चाहिए।

Updated on:
13 Jul 2026 11:58 am
Published on:
13 Jul 2026 11:41 am