
Urmila Saini Murder Case ('पापा रावण हैं मैं उन्हें मार दूंगा' Photo Source- Patrika)
Indore News :मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की मनोरमागंज स्थित डाक कुंज कॉलोनी में डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट 42 वर्षीय उर्मिला सैनी की हत्या के बाद सबसे दर्दनाक तस्वीर उनके दो मासूम बच्चों की सामने आी है। परिजन के मुताबिक, बेटी अपनी आंखों के सामने मां का खून से लथपथ शव देखने के सदमे से अब तक उबर नहीं पा रही है, वहीं छोटा बेटा कभी मां को वापस लाने की जिद करता है तो कभी गुस्से में कहता है, ‘पापा रावण हैं, मैं उन्हें मार दूंगा।’ उसकी मासूम बात सुनकर परिवार के लोगों की आंखें नम हो जाती हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पति अखिलेश सैनी पूरी तैयारी के साथ हत्या करने पहुंचा था। उसने पहले बड़ा चाकू खरीदा, फिर दोनों बच्चों को स्कूल भेजा और घर में अकेली पत्नी उर्मिला पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद वह बेटी के स्कूल पहुंचा, उसे जरूरी सामान और एटीएम कार्ड देकर भोपाल जाने की बात कही तथा दोनों बच्चों को मौसी के घर जाने के लिए कहा। बेटी जब कपड़े लेने घर पहुंची तो टीवी तेज आवाज में चल रहा था और मां लिविंग रूम में खून से लथपथ पड़ी थीं।
उर्मिला के साडू सुनील मालाकार के अनुसार, हत्या से कुछ मिनट पहले सुबह करीब 8.08 से 8.22 बजे के बीच उर्मिला ने अपने भाई मनोज मालाकार को फोन किया था। उन्होंने कहा, आज किसी भी हालत में वकील से बात कर लो। वकील को ऑफिस भेज दो। मैं उसके साथ नहीं रहना चाहती। परिजनों ने इसे सामान्य घरेलू विवाद समझकर गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन कुछ देर बाद हत्या की खबर मिल गई।
उर्मिला की बुआ मंगला सुनहरी ने बताया, वर्ष 2011 में शादी के बाद से ही अखिलेश सैनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। इसी वजह से दोनों के बीच लगातार विवाद होते रहे। उर्मिला ने महिला थाना, जूनी इंदौर थाना और इससे पहले भोपाल में भी शिकायत दर्ज कराई थी। हर बार आरोपी माफी मांग लेता था और बच्चों की खातिर उर्मिला समझौता कर लेती थीं। परिजनों का आरोप है कि वह उर्मिला के मोबाइल की निगरानी करता था और बिना किसी सबूत के आरोप लगाता रहता था।
परिजनों का आरोप है कि अखिलेश सैनी अक्सर उर्मिला को जान से मारने की धमकी देता था। वह अपने रिश्तेदार के एक पुराने हत्या के मामले का हवाला देकर कहता था कि हत्या करने के बाद भी ज्यादा सजा नहीं होती और वह भी बाहर आ जाएगा। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन उसका व्यवहार नहीं बदला।
एसीपी नीति दंडोतिया ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें गठित की गई हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वारदात के बाद वह पैदल भागा और ऐसे रास्तों से निकला, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन क्षेत्र तक उसकी गतिविधियां मिली हैं, जिसके बाद पुलिस लगातार फुटेज खंगाल रही है। उर्मिला के शव का पोस्टमार्टम करा लिया गया है और आरोपी के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।
Updated on:
13 Jul 2026 10:55 am
Published on:
13 Jul 2026 09:42 am
