इंदौर

IIM इंदौर की टीम पहुंची थाने 2 घंटे तक देखे दस्तावेज

बीट सिस्टम सुधारने और डॉयल 100 को अधिक उपयोगी बनाने समझी थाने की कार्यप्रणाली
2 min read
• •
Sep 04, 2021
iim_indore_police_system.jpg

इंदौर. बीट सिस्टम सुधारने व डॉयल 100 को अधिक उपयोगी बनाने के लिए रिसर्च कर रही आईआईएम
इंदौर की टीम ने शुक्रवार को भंवरकुआं थाने का दौरा किया। आईआईएम डायरेक्टर प्रो. हिमांशु राय के नेतृत्व में पहुंची टीम को अफसरों ने बीट व्यवस्था बताई।

इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि 5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले थाना क्षेत्र की व्यवस्था के लिए मात्र 60 पुलिसकर्मी का स्टाफ है। गश्त के लिए मात्र एक मोबाइल है। सालों पुराना बीट सिस्टम भी अपडेट नहीं है।आइआइएम टीम ने थाने में करीब 2 घंटे रहकर दस्तावेज देखे।

पुलिसकर्मियों से बात कर उनकी समस्या भी समझी। डायरेक्टर प्रो. हिमांशु राय के साथ प्रो. राजहंस मिश्रा, प्रो. वैजयंथी आनंद, मैनेजर गवर्नमेंट अफेयर नवीन कृष्ण राय एएसपी राजेश व्यास, टीआई संतोष दूधी ने थाने की कार्यप्रणाली व बीट सिस्टम की जानकारी दी। पीटीसी के निरीक्षक आनंद चौहान भी इस दौरान मौजूद थे। आईआईएम टीम ने ड्यूटी चार्ट व विलेस क्राइम नोट बुक को देखा।

इन्हें बताया गया कि थाने में 60 पुलिसकर्मी तैनात हैं। एक चार पहिया मोबाइल व 2 दोपहिया वाहन इनकी सुविधा के लिए है। थाना चार बीटों नगर बीट, ट्रांसपोर्ट नगर, पालदा और आइटी पॉर्क में बंटा है। बीट सिस्टम में सालों से दो बुक भरी जाती रही है। एक इनफार्मेशन व दूसरी ऑब्जर्वेशन। बुक में बीट की पूरी जानकारी दर्ज की जाती थी, ताकि नई टीम तैनात हो तो बुक से अपडेट हो जाए। हालांकि, अब यह भी अपडेट नहीं होती।

दिल्‍ली पुलिस जहां ई-बीट बुक पर आ गई है, वहीं इंदौर पुलिस बीट बुक पर ही चल रही है, वह भी अब अपडेट होना बंद हो गई है। मालूम हो, आइआइएम टीम बीट सिस्टम व 100 डायल को अधिक उपयोगी बनाने के लिए रिसर्च कर रही है, जिसके तहत शुक्रवार को पहला फील्ड निरीक्षण था। प्रो. राय के मुताबिक पुलिस की इंदौर बीट मॉडल तैयार करने के लिए रिसर्च की जा रही है। दौरे में साफ हुआ कि पुलिस के पास व्यक्ति के साथ संसाधन की भी कमी है। टीम अब एक ग्रामीण क्षेत्र के थाने का दौरा करेगी।

Published on:
04 Sept 2021 09:03 am