MP News: मूल्यांकन प्रणाली में अधिकांश बिंदू वस्तुनिष्ठ प्रकृति के है, जिनका मूल्यांकन निर्धारित आंकड़ों, अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर होगा।
MP News:एमपी में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट की कार्यप्रणाली को बेहतर करने की दिशा में थाना प्रभारियों और थानों के कार्यों की मूल्यांकन प्रणाली के संबंध में डीसीपी मुख्यालय एवं अपराध ने निर्देश जारी किए है। प्रत्येक जोन में थानों के मूल्यांकन के लिए तीन सदस्यीय मूल्यांकन समिति का गठन किया जाएगा। इसमें संबंधित जोन के डीसीपी अध्यक्ष तो पुलिस आयुक्त द्वारा नामांकित एडिशनल डीसीपी और संबंधित जोन के एसीपी सदस्य रहेंगे। जिस थाने का मूल्यांकन किया जा रहा है, उस थाने के प्रभारी व एसीपी प्रक्रिया में सम्मिलित नहीं होंगे।
मूल्यांकन प्रणाली में अधिकांश बिंदू वस्तुनिष्ठ प्रकृति के है, जिनका मूल्यांकन निर्धारित आंकड़ों, अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर होगा। कुछ बिंदू विषय निष्ठ प्रकृति के हैं, जिनका मूल्यांकन समिति करेगी। इसमें कार्य की गुणवत्ता, प्रभाव एवं परिणाम, जनसंतुष्टि, कार्य में पहल, नवाचार, परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय क्षमता को परखा जाएगा। थानों का मूल्यांकन मासिक आधार पर होगा।
इसमें जनवरी के कार्य के आधार पर प्रथम मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन समिति काम 7 फरवरी तक पूर्ण करेगी। यह प्रक्रिया आगामी सभी माह में लागू रहेगी। मूल्यांकन प्रक्रिया पूर्ण होने पर प्रत्येक डीसीपी अपने जोन के 2 सर्वाधिक बेहतर प्रदर्शन करने वाले थानों और 2 सबसे कम प्रदर्शन करने वाले थानों को चिन्हित कर सूची टिप्पणी के साथ उपलब्ध कराएंगे।
जानकारी के लिए बता दें कि साल 2025 के नवंबर महीने में मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले का मल्हारगढ़ थाना पूरे देश में मध्यप्रदेश का नाम रोशन करते हुए भारत के टॉप-10 सर्वश्रेष्ठ पुलिस थानों में शामिल हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में इस थाने ने 9वां स्थान हासिल किया है। यह घोषणा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रायपुर में आयोजित 60वीं डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस में की थी। इस सूची में मल्हारगढ़ थाना मध्यप्रदेश का एकमात्र थाना है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाई है।