
Indore Redevelopment Plan:मध्यप्रदेश का इंदौर शहर जो अपनी स्वच्छता और अदभुत नागरिक प्रबंधन के लिए देश का रोल मॉडल रहा है, अब परिवहन और शहरी गतिशीलता के क्षेत्र में ऐतिहासिक क्रांति की ओर बढ़ रहा है। 'विकसित भारत' के दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप, शहर आगामी दो दशकों में एक आधुनिक, तेज, सुरक्षित और पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन तंत्र विकसित करने के मिशन पर है।
भविष्य का यह इंदौर केवल सड़कों को चौड़ा करने या वाहनों की संख्या बढ़ाने पर केंद्रित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित एक एकीकृत परिवहन नेटवर्क तैयार करना है जिससे शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक की यात्रा सुगम, समय की बचत करने वाली और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी। यह विजन न केवल निजी वाहनों पर निर्भरता को कम करेगा, बल्कि इंदौर को वैश्विक स्तर की एक आत्मनिर्भर और स्मार्ट सिटी के रूप में स्थापित करेगा।
इंदौर एयरपोर्ट का विस्तार दो चरणों में किया जाएगा। जिसके लिए कुल 143 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी। पहले चरण में 89 एकड़ जमीन पर रन-वे की लंबाई 2754 मीटर से बढ़ाकर 3500 मीटर की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में 54 एकड़ और जमीन जोड़कर इसे 4000 मीटर तक विस्तारित किया जाएगा। विस्तार के बाद बड़े विमानों की लैंडिंग और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी। पहले चरण में वर्तमान टर्मिनल के समीप नया टर्मिनल बनाया जाएगा तथा रडार सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जिससे विमानों की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित हो सकेगी।
दूसरे चरण में एक और आधुनिक टर्मिनल विकसित किया जाएगा। दोनों चरण पूरे होने पर एयरपोर्ट टर्मिनल का कुल क्षेत्रफल करीब एक लाख वर्गमीटर तक पहुंच जाएगा। फ्लाइट मूवमेंट क्षमता वर्तमान 15 प्रति घंटे से बढ़कर पहले चरण में 24 और दूसरे चरण में 36 प्रति घंटे हो जाएगी। वहीं विमान पार्किंग क्षमता 26 से बढ़कर पहले चरण में 33 और दूसरे चरण में 54 विमान तक पहुंच जाएगी। एयरपोर्ट पर मल्टीलेवल पार्किंग, शॉपिंग जोन, फूड कोर्ट और मेट्रो कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं भी विकसित होंगी। वर्तमान में करीब 45 लाख यात्री प्रतिवर्ष यहां से सफर कर रहे हैं। पहले चरण के बाद यह संख्या एक करोड़ वार्षिक और दूसरे चरण के बाद वर्तमान से लगभग छह गुना तक पहुंचने का अनुमान है।
रेलवे स्टेशन पुनर्विकास योजना के तहत इंदौर जंक्शन को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। यहां यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। स्टेशन परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग, अत्याधुनिक वेटिंग लाउंज, व्यावसायिक परिसर, आधुनिक एंट्री-एग्जिट सिस्टम और डिजिटल सूचना सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही मेट्रो, सिटी बस और रेलवे के बीच बेहतर एकीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए प्लेटफॉर्म और अन्य यात्री सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा जिससे इंदौर जंक्शन भविष्य में मध्य भारत के सबसे आधुनिक रेलवे स्टेशनों में शामिल हो सकेगा।