इंदौर

इंदौर में भाजपा OBC मोर्चा के महामंत्री पद की घोषणा रोकी, दो नेताओं के बीच चल रही खींचतान

Indore BJP OBC Morcha: इंदौर में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के महामंत्री पद को लेकर अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। समर्थकों की पसंद पर सहमति नहीं बनने से तय घोषणा आखिरी समय पर टल गई।
2 min read
Aug 21, 2026
indore bjp obc morcha mahamantri tussle madhu verma jitu jirati
Indore BJP OBC Morcha: महामंत्री पद को लेकर विधायक और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष के बीच रस्साकसी (फोटो सोर्स- Chatgpt)

Indore BJP OBC Morcha Mahamantri Post: पत्रिका न्यूज़ टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के महामंत्री पद को लेकर विधायक मधु वर्मा और जीतू जिराती के बीच महाभारत चल रही है। दोनों ही नेता अपने-अपने समर्थक को बनाने पर अड़े हुए है जिसके कारण गुरुवार को होने वाली घोषणा टाल गई। विवाद स्थिति बनते देख अब मोर्चे में महामंत्री पद तय करने का पूरा दारोमदार जिला प्रभारी राजेश सोलंकी पास जा चुका है।

देश की आबादी में 52 फीसदी पिछड़ी जाति के लोग है जिसके बाद से भाजपा ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव कर दिया। पिछड़ा वर्ग का प्रकोष्ठ होता था जिसे मोर्चा बना दिया गया। इसमें युवा व महिला मोर्चा की तरह ही पदों की जमकर रस्साखेंच है। खासतौर पर इंदौर में हर नेता चाहता है कि उनके समर्थक को अहम पद मिले। पहले अध्यक्ष को लेकर बवाल हुआ था तो अब पदाधिकारियों को लेकर भी जमकर खींचतान हो रही है।

विधायक की आपत्ति के बाद रोकी गई घोषणा

अध्यक्ष के बाद सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण पद महामंत्री का होता है जिसको लेकर राऊ भाजपा में बड़ी जंग चल रही है। विधायक मधु वर्मा चाहते हैं कि उनकी समर्थक बबीता कुशवाह को बनाया जाए, लेकिन विधायक रहे जीतू जिराती ने रवि पटवारी का नाम पहले नंबर पर दिया तो दूसरे पर रवि पांचाल का। वे पटवारी को बनाने के लिए अड़े हुए है।

गुरूवार को मोर्चा की सूची लगभग तय हो गई थी, लेकिन विधायक वर्मा को भनक लग गई कि रवि की नियुक्ति हो रही है जिस पर उन्होंने कड़ी आपत्ति ले ली। बात नगर भाजपा के प्रभारी राजेश सिंह सोलंकी तक पहुंच गई। सोलंकी ने माहौल को देखते हुए घोषणा रोक दी। बताते हैं कि गेंद अब उनके ही पाले में है कि किसको महामंत्री बनाया जाए और किसे बाहर का रास्ता दिखाया जाए। बताया जा रहा है कि पदाधिकारियों की फेहरिस्त में कुछ नाम विवादित भी है।

अध्यक्ष को लेकर भी हुआ था घमासान

भाजपा पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष की नियुक्ति के समय भी विधानसभाओं में जमकर रस्साकशी हुई थी। विजय बिजवा को अध्यक्ष बनाने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश अड़ गए थे। विधायक रमेश मेंदोला ने अपने समर्थक रोहित चौधरी का नाम दिया था। इधर, अजीत कुशवाहा, सुभाष यादव, जीतू कुशवाहा और रघु यादव जैसे मजबूत दावेदार थे. लेकिन आखिरी समय में नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने समन्वय कर निखिल सोनी के नाम पर मुहर लगवाई, जबकि सोनी का नाम पैनल में 7 वें नंबर पर था।

Updated on:
21 Aug 2026 01:28 pm
Published on:
21 Aug 2026 12:59 pm