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इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 13 की मौत…हाईकोर्ट सख्त

Indore Contaminated Water: इंदौर में दूषित पानी पीने दो दिन में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। किसी ने पिता को खोया, किसी ने मन्नतों से जन्मे अपने मासूम बच्चों को, दहशत अब भी है...
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Updated: 1 Jan 2026, 9:51 AM IST
MP News Indore Contaminated Water Case
MP News Indore Contaminated Water Case: 6 महीने के मासूम को खो चुकी मां के आंसू थम नहीं रहे। (photo: patrika)

Indore Contaminated Water: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में बेशर्म सिस्टम में उलझकर लगातार दूसरे दिन भागीरथपुरा जार-जार रोया। 10-12 दिन पहले नगर निगम की मेन लाइन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन लीक हुई। इसमें शौचालय व आसपास की फैक्ट्रियों का गंदा पानी मिला और लोगों के घरों तक पहुंचता रहा। लोग उल्टी-दस्त के शिकार होते रहे। मौतें होती रहीं। अब मौतों का आंकड़ा 8 से बढ़कर 13 हो गया। 300 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। बुधवार को 5 और मरीज 6 माह का अव्यान साहू, जीवन बरेडे (80), अशोक पवार, शंकर भाया और सुमित्रा देवी की मौत की सूचना है। मामले पर अब हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है।

दो दिन में मांगी रिपोर्ट

हाईकोर्ट ने इंदौर के इस मामले को संज्ञान में लिया है और दो दिन में मामले की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सभी को मुफ्त इलाज दिया जाए।

देर शाम 38 में से 10 को किया रेफर

मां ने बच्चे को दूध में पानी मिलाकर पिलाया। बच्चे को उल्टी-दस्त हुए, मौत हुई। इधर, भागीरथपुरा में स्वास्थ्य अमला जांच करता रहा। शाम तक पहुंचे 38 मरीजों में से 10 को रेफर किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम को पत्र लिख इलाज, पीडि़तों को मुआवजा व मामले की जांच व कार्रवाई की मांग की।

शादी के 11 साल बाद हुआ बेटा छिन गया

भागीरथपुरा सब्जी मंडी के पास रहने वाले सुनील साहू ने बताया, 2014 में शादी हुई। 10 साल की एक बेटी है। 11 साल बाद अव्यान हुआ। 6 माह का था। आंखों में आंसू और भरे लगे से मां साधना बोली-अव्यान को दस्त-उल्टी के बाद निजी क्लीनिक में दिखाया। दवा दी। 29 दिसंबर की रात में वह रोने लगा। उसे अस्पताल ले गए, पर रास्ते में ही सांसें टूट गईं। कई दिनों से गंदा पानी आ रहा है। गाय के दूध में पानी मिलाकर पिलाते थे। उल्टी-दस्त लग गए थे।

उल्टी-दस्त से पिता की जान गई

आनंद ने बताया,10 दिन पहले पानी की मेन टंकी में दवा दी गई। 18 दिसंबर को पिता जीवन बरेडे की तबीयत बिगड़ी। अरबिंदो अस्पताल ले गए। 28 दिसंबर को मौत हो गई, अन्य सदस्य भी पीडि़त हैं।

अस्पताल में 3 दिन बाद मौत भागीरथपुरा के अशोक पवार की 25 दिसंबर को उल्टी दस्त से मौत हो गई। बेटे रवि ने बताया, 3 दिन से बीमार थे। 23 दिसंबर को अरबिंदो अस्पताल में भर्ती किया, लेकिन जिंदगी की जंग हार गए।

इमलीगली के शंकर भाया (70) की 31 दिसंबर को क्लॉथ मार्केट अस्पताल में मौत हो गई। बिहार से बेटे से मिलने भागीरथपुरा आई सुमित्रा देवी (50) की मौत 21 दिसंबर को उल्टी-दस्त से हुई।

कांग्रेस भी करेगी जांच, बनाई कमेटी

कांग्रेस भी मामले की जांच करेगी।मध्य प्रदेशअध्यक्ष जीतू पटवारी ने 5 सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री सज्जन वर्मा, जयवर्धन सिंह, बदनावर विधायक भंवरसिंह शेखावत, तराना विधायक महेश परमार, सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल को शामिल किया है। समिति 5 जनवरी को रिपोर्ट देगी।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रही जनता

-1- दिलीप यादव, निगमायुक्त, गंदे पानी की शिकायतों को अनदेखा किया। पाइपलाइन टेंडर प्रक्रिया पर नजर नहीं रखी।

-2- कमल वाघेला, पार्षद 4 माह तक क्षेत्र की परेशानी पर संज्ञान नहीं। दूषित पानी की शिकायत पर नहीं जागे।

-3-संजीव श्रीवास्तव, प्रभारी गंदे पानी की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की। मौतों के बाद हड़कंप मचा तो ढूंढऩे निकले।

-4-शुभम श्रीवास्तव, उपयंत्री, जोन-4, पीएचई दूषित जल का निराकरण करना था, लेकिन नहीं किया। 8 मौतें हुईं, तब नौकरी से हटाया।

-5- योगेश जोशी, सहायक यंत्री हेल्पलाइन पर आई जल शिकायतों के अनुसार लीकेज की मरम्मत करनी थी। मौतों के बाद इन्हें सस्पेंड किया।

-6- रोहित सिसोनिया अपर आयुक्त अगस्त में टेंडर हुए। उन्हें रोक कर रखा। शिकायतों की अनदेखी की।

-7- पुष्यमित्र भार्गव, महापौर पार्षद की लगातार शिकायतों पर कोई कदम नहीं उठाया।

Updated on:
1 Jan 2026, 9:51 AM IST
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