
Indore councilor - इंदौर में कांग्रेस नेता पार्षद फौजिया अलीम की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। उनपर गिरफ़्तारी का खतरा मंडराने लगा है। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का अपमान करने के मामले में जिला कोर्ट ने गुरुवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अपर सत्र न्यायाधीश रुपेश नाईक की कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए साफ कहा कि मामले में पहली नजर में सद्भाव बिगाडऩे का अपराध होना दिखता है, जो गैर जमानती होकर इस मामले में 3 साल की सजा का प्रावधान है। इसके चलते कोर्ट ने उनका अग्रिम जमानत आवेदन खारिज कर दिया। इधर फौजिया अलीम ने कोर्ट के निर्णय के बाद प्रतिक्रिया देते हुए खुद को छात्रा बताया। उन्होंने कहा कि मुझे जेल भेजा तो परीक्षा और भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा।
लोक अभियोजक अभिजीत सिंह राठौर ने बताया, फौजिया ने 8 अप्रैल को नगर निगम परिषद बैठक के दौरान कहा था कि वंदे मातरम् नहीं गाऊंगी। पार्षद रुबिना इकबाल ने भी उनका समर्थन करते हुए इसे गाने से इंकार किया था।
मामले में भाजपा पार्षद कमलेश वाघेला ने राष्ट्रगीत का अपमान करने पर उनके खिलाफ एमजी रोड थाना में आवेदन देकर केस दर्ज करने की मांग की थी। एमजी रोड पुलिस ने 15 अप्रेल को उनके खिलाफ आपसी सौहार्द खराब करने और समूहों के बीच शत्रुता फैलाने की धारा में केस दर्ज किया था।
मामले में पार्षद फौजिया को गिरफ्तारी की आशंका है। इससे बचने के लिए उनकी ओर से कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी। इसका जिला लोक अभियोजक अभिजीत सिंह राठौर ने विरोध किया। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से उन्होंने कोर्ट को कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। जिला लोक अभियोजक अभिजीत सिंह राठौर ने कहा कि यह सीधा राष्ट्रीय भावना और जनभावनाओं से जुड़ा मामला है।
फौजिया अलीम ने खुद को एलएलबी तृतीय वर्ष की छात्रा बताते हुए कहा कि उनकी परीक्षा 10 जून से शुरू हो रही है, यदि जेल भेजा तो परीक्षा और भविष्य पर असर पड़ेगा।