इंदौर

बैंक धोखाधड़ी केस में इंदौर ED का बड़ा एक्शन, लंदन में जब्त की 7.5 करोड़ की संपत्ति

Indore ED Action : इंदौर ED ने लंदन में स्थित साढ़े 7 करोड़ रुपए से अधिक बाजार मूल्य की सम्पत्ति कुर्की की कार्रवाई की है। सीबीआई ने दो अलग-अलग केस दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े प्रमाण मिले थे।

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बैंक धोखाधड़ी केस में इंदौर ED का बड़ा एक्शन (Photo Source- Patrika)

Indore ED Action : करोड़ों रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लंदन (यूनाइटेड किंगडम) में स्थित करीब 7 करोड़ रुपए से अधिक बाजार मूल्य की सम्पत्ति कुर्की की कार्रवाई की है। मामले में सीबीआई ने दो अलग-अलग केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े प्रमाण मिले थे। इस आधार पर ईडी ने भी छानबीन की और उसके बाद विदेश में स्थित सम्पत्ति की जब्ती-कुर्की की।

ईडी दफ्तर से जारी औपचारिक जानकारी के अनुसार, ईडी की मध्य प्रदेश के इंदौर यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट के पास स्थित लगभग 7.5 करोड़ रुपए बाजार मूल्य की एक अचल संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की है। ये कार्रवाई मेसर्स नियो कॉर्प इंटरनेशनल लिमिटेड और उसके डायरेक्टर व प्रमोटर से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में की गई है। इसकी जांच पीएमएलए 2002 के तहत की जा रही है।

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दो बैंक के साथ 307 करोड़ की धोखाधड़ी

ED ने लंदन में मकान की कुर्की कार्रवाई की (photo Source- Input)

जानकारी के अनुसार, बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआइ ने दो केस दर्ज किए थे। ईडी ने सीबीआइ द्वारा दर्ज दोनों मामलों के आधार पर पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि पॉली लॉजिक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक उत्कर्ष त्रिवेदी और अन्य ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ 57.47 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। वहीं नियो कॉर्प इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुनील कुमार त्रिवेदी और अन्य ने एसबीआइ बैंक के साथ 249.97 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। इस प्रकार दोनों ही मामलों में दो बैंक के साथ करीब 307.44 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी सामने आई थी।

फर्जी फर्म का नेटवर्क किया तैयार

जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने शैल कंपनियों (फर्जी फर्म) का एक नेटवर्क तैयार किया था। ये कंपनियां कर्मचारियों और करीबी सहयोगियों के नाम पर बनाई गईं थीं। इन डमी फर्म के माध्यम से अवैध तरीके से बड़ी राशि का रोटेशन किया गया था। जांच में यह भी पता चला कि अपराध की कमाई को 'निवेशÓ के नाम पर विदेशों में भेजा गया। इस मामले में पहले, 26 फरवरी 2026 को आरोपियों के आवासीय परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया गया था, जिसमें कई आपत्तिजनक डिजिटल उपकरण और रिकॉर्ड जब्त किए गए थे। इस मामले में ईडी द्वारा अभी विस्तृत जांच की जा रही है।

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Updated on:
26 Mar 2026 09:57 am
Published on:
26 Mar 2026 09:32 am
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