इंदौर

शिवगंगा पहाड़ी पर कहां खो गया अद्वैत! 6 दिनों में इकलौते बेटे के लिए इंदौर में तड़पती मां का हुआ बुरा हाल

indore engineer advait upadhyay - शिवगंगा में कई दिनों से लापता है इंदौर का इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय, बेसब्री से इंतजार कर रही मां
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Aug 12, 2026
इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय
इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय- image patrika.com

advait upadhyay बेंगलूरु के पास नेलमंगला तालुक की शिवगंगा पहाड़ी पर ट्रैकिंग के दौरान रहस्यमय तरीके से लापता इंदौर के सॉफ़्टवेयर इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल दिन-रात पहाड़ी के दुर्गम इलाकों में उसकी तलाश कर रहे हैं। ड्रोन और मेटल डिटेक्टर की मदद भी ली जा रही है। पुलिस शिवगंगा पहाड़ी और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। हालांकि, अब तक अद्वैत उपाध्याय से जुड़ा कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। इससे उनकी मां की हालत खराब हो रही है। वे 6 दिनों से अपने बेटे के लिए तड़प रहीं हैं।

वाइटफील्ड संभाग के पुलिस उपायुक्त सैदुल अदावत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पुलिस अद्वैत उपाध्याय की गतिविधियों को लेकर विभिन्न संभावनाओं पर जांच कर रही है। एसडीआरएफ सहित 80 से अधिक लोग पहाड़ी के खतरनाक और दुर्गम इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं।

रास्ता तो नहीं बदला :

आशंका है कि पहाड़ी पर पहुंचने के बाद अद्वैत ने कोई दूसरा रास्ता लिया हो। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने पहाड़ी पर चढऩे के लिए निर्धारित रास्ते के बजाय किसी अन्य मार्ग का इस्तेमाल तो नहीं किया।

इकलौते बेटे अद्वैत का इंदौर में मां कर रही इंतजार

अद्वैत उपाध्याय लंबे समय से बेंगलुरु में रह रहे हैं। वह सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के रूप काम करने के बाद एक फाइनेंस कंपनी में इंजीनियर बन गए थे। अद्वैत उपाध्याय के परिवार में फिलहाल वे और उनकी मां ही हैं। उनके पिता प्रमोद उपाध्याय की करीब 10 पहले ही मौत हो चुकी है।

कुछ नहीं बता पा रहीं

इंदौर में प्रोफेसर रहे पिता की मौत के बाद अद्वैत उपाध्याय की मां को अनुकंपा नियुक्ति मिल गई थी। बाद में उन्होंने वीआरएस ले लिया। अद्वैत उपाध्याय की मां फिलहाल इंदौर में अकेली ही रह रही हैं। अपने इकलौते बेटे के यूं लापता हो जाने से उनकी हालत खराब हो चुकी है। मां की चिंता लगातार बढ़ती ही जा रही है। अद्वैत की मां की ऐसी स्थिति है कि वे ज्यादा बात तक नहीं कर पा रही हैं। वे फिलहाल बेंगलुरु पुलिस की गतिविधियों पर ही नजर रख रहीं हैं।

भारी बारिश के कारण तलाशी अभियान में बाधा

सप्ताहांत में हुई भारी बारिश के कारण भी तलाशी अभियान में बाधा आ रही है। पहाड़ी के कई हिस्से दुर्गम और फिसलन भरे होने के कारण बचाव दल को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तलाशी अभियान अभी तेज कर दिया गया है। दुर्गम इलाकों की जांच के लिए उच्च क्षमता वाले ड्रोन और विशेष मेटल डिटेक्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

Updated on:
12 Aug 2026 09:54 am
Published on:
12 Aug 2026 09:52 am