
Fake Army ID (सेना का फर्जी ID दिखाकर टोल टैक्स बचा रहा था शख्स Pgoto Source- Input)
Indore News :मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में सेना की साख को बदनाम करने का बेहद अजीबो गरीब मामला सामने आया है। बता दें कि, जिले के डॉ. आंबेडकर नगर (महू). में सेना का नाम और पहचान पत्र दिखाकर टोल टैक्स में छूट लेने की कोशिश उस समय भारी पड़ गई, जब टोल कर्मचारियों ने कार्ड की जांच की और उसमें फोटो व वाहन चालक के चेहरे में अंतर पकड़ लिया। विवाद बढऩे पर कार चालक ने एक कर्मचारी पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया।
घटना के बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस महू और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बेटमा थाना क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय अनिल जाट को पूछताछ के दायरे में लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने भतीजे शुभम जाट के असली सैन्य पहचान पत्र की मोबाइल से फोटो खींचकर उसकी प्रिंट कॉपी तैयार कराई थी और इसी फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल टोल पर सेना के नाम पर छूट लेने के लिए कर रहा था। घटना 9 अगस्त की बताई जा रही है।
अनिल जाट कार एमपी 13 जेडजेड 2566 से ओंकारेश्वर से उज्जैन की ओर जा रहा था। रास्ते में टोल प्लाजा पर उसने सैन्य पहचान पत्र दिखाकर टोल शुल्क से छूट लेने का प्रयास किया। टोल कर्मचारियों को पहचान पत्र पर संदेह हुआ। कार्ड पर लगी तस्वीर और कार्ड प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति के चेहरे में अंतर नजर आने पर कर्मचारियों ने आपत्ति जताई और उससे पूछताछ शुरू कर दी।
पूछताछ में अनिल जाट ने बताया कि सैन्य पहचान पत्र उसका नहीं था। यह उसके भतीजे शुभम जाट का था, जो भारतीय सेना में कार्यरत है। भतीजा बाहर गया था और उसका पहचान पत्र वाहन में रखा था। इसी दौरान उसने मोबाइल से पहचान पत्र की तस्वीर खींच ली। इसके बाद फोटो कॉपी की दुकान से पहचान पत्र की प्रिंट कॉपी निकलवाई गई। इसी प्रिंट को वह वास्तविक सैन्य पहचान पत्र के तौर पर टोल प्लाजा पर इस्तेमाल कर रहा था। प्रारंभिक जांच में पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने इस तथ्य का सत्यापन किया है।
टोल कर्मचारियों को पहचान पत्र पर संदेह होने के बाद जब उन्होंने चालक से पूछताछ की तो मामला विवाद में बदल गया। इसी दौरान चालक ने कथित तौर पर एक कर्मचारी पर कार चढ़ाने का प्रयास किया। टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हुई है। फुटेज में कार चालक द्वारा कर्मचारी की ओर वाहन बढ़ाते हुए दिखाई देने की जानकारी सामने आई है। कर्मचारी के विरोध करने पर चालक ने कार पीछे ली। इसके बाद मौके पर मौजूद अन्य टोल कर्मचारियों ने चालक को रोक लिया और उसे वाहन से बाहर निकाला।
घटना की सूचना मिलने के बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस महू और क्षिप्रा पुलिस सक्रिय हुई। दोनों एजेंसियों ने संयुक्त रूप से आरोपी से पूछताछ की और सैन्य पहचान पत्र के इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी तरीके से तैयार की गई पहचान पत्र की कॉपी का इस्तेमाल केवल टोल टैक्स में छूट लेने के लिए किया गया था या आरोपी ने इसका उपयोग अन्य स्थानों पर भी किया। यह भी जांच की जा रही है कि सैन्य पहचान पत्र की ऐसी प्रिंट कॉपी तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।
Updated on:
12 Aug 2026 07:48 am
Published on:
12 Aug 2026 07:48 am
