11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एमपी में गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत, सरकार उठाएगी पूरी जांचों का खर्च

Pregnant Women Relief : सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन खराब होने, सोनोलॉजिस्ट उपलब्ध न होने या जांच की सुविधा न होने पर गर्भवती महिला की सोनोग्राफी अधिकृत निजी सेंटर पर बिल्कुल फ्री कराई जाएगी।
2 min read
Google source verification
Pregnant Women Relief

Pregnant Women Relief (गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत Photo Source- Patrika)

MP News :मध्य प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को अब सोनोग्राफी के लिए सरकारी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन खराब होने, सोनोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं होने या जांच की सुविधा नहीं होने पर महिला की सोनोग्राफी अधिकृत निजी सेंटर पर बिल्कुल निशुल्क कराई जाएगी। इसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी। खास बात यह है कि, पूरी प्रक्रिया डिजिटल और कैशलेस होगी।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत इसके लिए नए निर्देश जारी किए हैं। व्यवस्था का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराना और सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कमी के कारण होने वाली परेशानी को दूर करना है। यह सुविधा प्रदेशभर में लागू की गई है और खासतौर पर उन जिला अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों के लिए उपयोगी होगी, जहां सोनोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं हैं।

SMS पर भेजा जाएगा ई-वाउचर

सरकारी अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, पीजीएमओ या मेडिकल ऑफिसर ओपीडी में महिला की जांच के बाद सोनोग्राफी की सलाह देंगे। महिला के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए ई-वाउचर भेजा जाएगा। महिला इस वाउचर के आधार पर 7 दिन में किसी भी अधिकृत निजी सोनोग्राफी सेंटर पर जाकर जांच करा सकेगी। आपात स्थिति में जरूरत होने पर गर्भावस्था के दौरान दो बार निजी सेंटर पर सोनोग्राफी कराने की सुविधा मिलेगी।

रिपोर्ट सीधे ऑनलाइन होगी अपलोड

निजी सेंटर पर की गई हर सोनोग्राफी की रिपोर्ट और मरीज से जुड़ी जानकारी सुमन यूएसजी पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड की जाएगी। इससे रिपोर्ट में हेराफेरी की आशंका कम होगी और स्वास्थ्य विभाग के पास मरीज का रिकॉर्ड भी तत्काल उपलब्ध रहेगा। निजी सेंटर संचालकों को भुगतान के लिए पोर्टल पर बैंक अकाउंट, आइएफएससी कोड और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। सरकार इसी डिजिटल सिस्टम के माध्यम से सेंटरों को भुगतान करेगी।

समय पर जांच से मां-बच्चे दोनों को मिलेगा फायदा

गर्भावस्था के दौरान समय पर सोनोग्राफी होने से मां और बच्चे से जुड़े कई संभावित जोखिमों और बीमारियों की शुरुआती स्तर पर पहचान की जा सकती है। पोर्टल पर सोनोग्राफी की विशेष फाइंडिंग उपलब्ध रहने से डॉक्टरों को गर्भावस्था के जोखिमों की जानकारी लेने में आसानी होगी। इसके आधार पर जरूरत पडऩे पर महिला को समय पर उपचार या उच्च स्तरीय अस्पताल में रेफर किया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी।