
Indore News : ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड, इंदौर (एआइसीटीएसएल) लगी हुई है। पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत 150 अत्याधुनिक ई-बसें चलाने की प्लानिंग है। पिछले दिनों रूट नंबर आइ-14 पर शुरू किया गया 10 ई-बसों का तकनीकी और व्यावसायिक ट्रायल सफल रहा है। अब बसों को धीरे-धीरे बढ़ाकर 10 से 150 किया जाएगा, लेकिन इसके पहले पीएम ई-बस सेवा का विधिवत शुभारंभ कराया जाएगा, जिसकी तैयारी चल रही है।
इंदौर शहर में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत 150 इलेक्ट्रिक बसें चलाना है। अभी 40 ई-बस आ गई हैं, जिसमें से 10 बसों का ट्रायल रन रूट नंबर आई-14 यानी राऊ रंगवासा से रणजीत हनुमान, राजबाड़ा और बंगाली चौराहा होते हुए कनाड़िया बायपास तक किया गया है।
इधर, एआइसीटीएसएल के सीईओ अर्थ जैन ने कहा कि, भारत सरकार की विशेष योजना पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत इंदौर शहर को कुल 150 हाई टेक इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं। अभी 40 बसें आ गई हैं। 9 मीटर लंबाई की ये बसें पूर्णत: वातानुकूलित हैं। यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए इन बसों में विश्वस्तरीय तकनीकों का समावेश किया गया है। उन्होंने कहा कि रूट नंबर आई-14 पर 10 ई-बसों का तकनीकी और व्यावसायिक ट्रायल किया गया जो कि सफल रहा है। अब बसों को धीरे-धीरे बढ़ाकर 10 से 150 किया जाएगा, लेकिन इसके पहले पीएम ई-बस सेवा का विधिवत शुभारंभ कराया जाएगा, जिसकी तैयारी चल रही है।
सभी ई-बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन की सुविधा हैं। इन बसों में लगे सीसीटीवी कैमरों का फीड (फुटेज) सीधे सेंट्रल कंट्रोल रूम में लाइव देखा जा सकेगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग और भी बेहतर होगी।
बसों के रियल टाइम संचालन, ट्रैकिंग और शेड्यूलिंग के लिए आईटीएमएस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिसकी मॉनिटरिंग एआइसीटीएसएल कार्यालय एवं नायता मुंडला डिपो स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर करेंगे। इसके साथ ही डिजिटलीकरण के प्रति जागरुकता एवं कैशलेस यात्रा को बढ़ावा देने के लिए बसों में डिजिटल किराया संग्रहण प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।
सीईओ अर्थ जैन ने बताया कि, भविष्य में ये ई-बसें न सिर्फ इंदौर शहर के भीतर संचालित होंगी, बल्कि आसपास के प्रमुख कस्बों, गांवों और बाहरी क्षेत्रों (पेरी- अर्बन एरिया) को भी मुख्य शहर से जोड़ेंगी। इसके शुरु होने से शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र की जनता को भी एक बेहतर, किफायती, सुरक्षित और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा। इसलिए नागरिकों से अपील की है कि, वे इस अत्याधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बस सेवा का अधिक से अधिक उपयोग कर इस सुविधा का लाभ लें।