इंदौर

बुरे फंसे Honey Singh, इंदौर हाईकोर्ट ने दोबारा खोला केस, पुराना आदेश भी पलटा

Rapper Honey Singh: हनी सिंह के इंदौर कॉन्सर्ट से जुड़े मनोरंजन कर विवाद में एमपी हाईकोर्ट ने पुराना आदेश वापस लेकर याचिका बहाल कर दी है। अब मामले की दोबारा सुनवाई होगी।
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Aug 11, 2026
indore high court reopens honey singh concert tax case
Honey Singh Concert Tax Case: इंदौर हाईकोर्ट ने पुरानी याचिका को वापस लेने के आदेश को पलटा (फोटो सोर्स- IMDb Website)

Honey Singh Concert Tax Case: सिंगर हनी सिंह (Rapper Honey Singh) के कॉन्सर्ट से जुड़े मनोरंजन कर विवाद में इंदौर हाईकोर्ट ने दोबारा सुनवाई का निर्णय लिया है। आयोजकों ने पहले याचिका वापस लेकर मामला खत्म कर दिया था, लेकिन अब हाईकोर्ट ने उस आदेश को वापस ले लिया है। जस्टिस संदीप एन. भट्ट की कोर्ट ने आदेश में लिखा है कि पूर्व में आयोजकों ने अंतरिम राहत हासिल करते समय बकाया टैक्स और अन्य देनदारियां चुकाने का भरोसा दिया था। याचिका वापस लेने से पहले तय करना जरूरी है कि उस आश्वासन का पालन कैसे होगा। कोर्ट ने पुरानी याचिका बहाल कर मामले को दोबारा सुनवाई के लिए लगा दिया है।

कोर्ट ने इस शर्त पर दी थी राहत

मालूम हो, हनी सिंह के कॉन्सर्ट के पहले निगम ने मनोरंजन कर की बकाया राशि को लेकर सामान जब्त कर लिया था। इसके खिलाफ आयोजक टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर निगम की टैक्स गणना को चुनौती दी थी। कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए सामान छोड़ने को कहा था। 17 नवंबर 2025 को यह याचिका वापस लेने के लिए आवेदन को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। इसके खिलाफ निगम के आवेदन में दलील दी गई कि आयोजकों ने हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया था कि उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा तैयार ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर टैक्स चुकाया जाएगा। ऑडिट रिपोर्ट में 3 करोड़ 52 लाख 61 हजार 923 रुपए पर टैक्स राशि तय होनी थी, लेकिन याचिका वापस ले ली गई।

हाईकोर्ट ने दोबारा खोला केस, बहाल की पुरानी याचिका

हाईकोर्ट ने कहा कि जब अंतरिम राहत पाने के लिए याचिकाकर्ता की ओर से अंडरटेकिंग दी गई थी तो यह विचार करना जरूरी है कि उसे याचिका वापस लेने से पहले पूरा कराया गया या नहीं। याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि यदि अंडरटेकिंग का पालन जरूरी था तो याचिका वापस लेने के बाद भी निगम को कानूनी उपाय की स्वतंत्रता थी। हाईकोर्ट ने माना कि मामले में मेरिट पर विचार जरूरी है। कोर्ट ने 17 नवंबर 25 का आदेश वापस लेते हुए याचिका बहाल की।

यह है मामला

कॉन्सर्ट को लेकर निगम ने 8 मार्च 2025 को 50 लाख रुपए मनोरंजन कर जमा कराने को कहा था। राशि जमा नहीं होने पर निगम ने साउंड सिस्टम जब्त कर लिया। आयोजकों का कहना था कि निगम ने जीएसटी पोर्टल पर दिखाई गई 3 करोड़ 28 लाख 1 हजार 174 की राशि को आधार बनाकर मनोरंजन कर की गणना की है। यह राशि देशभर के 10 कार्यक्रमों की थी, जबकि इंदौर में टिकट बिक्री केवल 78 लाख 47 हजार 637 रुपए की हुई। इसके हिसाब से 10 प्रतिशत मनोरंजन कर के रूप में 7 लाख 84 हजार 764
रुपए निगम में जमा करना था।

Updated on:
11 Aug 2026 12:01 pm
Published on:
11 Aug 2026 12:01 pm