
Indore News :मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में रविवार को अरविंदो अस्पताल से करीब 3 किलोमीटर दूर कालिंदी गोल्ड सिटी के पास इंडस्ट्रियल पार्क में स्थित आयल पेंट्स और केमिकल की 3 फैक्ट्रियों में भीषण आग लगी गई। जानकारी के अनुसार, आग पहले एक फेक्ट्री में लगी, लेकिन धीरे - धीरे देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण करते हुए आसपास की दो और फैक्टरियों को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे की जानकारी लगते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास शुरू किए। करीब 6 फायर ब्रिगेड गाड़ियों की मदद से 2 लाख लीटर से अधिक पानी और 50 लीटर फोम स्प्रे कर 7 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका है। हालांकि अग्नि हादसे के कारण दो फैक्ट्रियां पूरी तरह जलकर ख़ाक हो चुकी है। गनीमत रही कि, हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
फायर ब्रिगेड से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह फायर ब्रिगेड कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि, कालिंदी गोल्ड सिटी के पास इंडस्ट्रियल पार्क में फेक्ट्री में आग लग गई है। सूचना के आधार पर मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम को रवाना हुई। फायर ब्रिगेड की करीब 6 गाड़ियों से आग पर काबू पाया जा सका है। आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड अमले को करीब 6 - 7 घंटे का वक्त लगा है। आग पर पूरी तरह काबू पाने तक तीन फेक्ट्रियां इसकी चपेट में आ चुकी थी।
दोपहर अग्नि हादसे पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के बाद जब टीम वापस कंट्रोल रूम लौटी तो उसके बाद फिर से सूचना मिली थी की कि, अभी भी फैक्ट्री से धुंआ निकल रहा है। इसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाने के लिए पानी और फोम के साथ फिर से एक गाड़ी मौके पर भेजी गई। खबर लिखे जाने तक आग बुझाने का काम जारी है। बहरहाल अग्नि हादसे के बाद टीम ने मौके पर पंचनामा बनाने आदि की प्रक्रिया की, इसके बाद अब अग्नि हादसों की जांच की जाएगी। शुरुआती तौर पर शॉट सर्किट से आग लगने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, जांच के बाद ही स्पष्ट कारणों का खुलासा हो सकेगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बीटा इंडस्ट्रियल पार्क अरविंदो हॉस्पिटल से करीब 3 किलोमीटर दूर कालिंदी गोल्ड सिटी के पास स्थित है। यहां चौधरी केमिकल नाम की फैक्ट्री में सबसे पहले आग लगी थी, धीरे - धीर आग और अधिक बढ़ गई, जिसने देखते ही देखते आसपास स्थित अल्फा पोलीमर और एक अन्य फेक्ट्री को भी अपनी चपेट में ले लिया। फेक्ट्री के अंदर ऑयल पेंट और केमिकल होने से फायर ब्रिगेड को आग बुझाने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा। जब तक आग पूरी तरह से नियंत्रित हुई, तब तक दो फेक्ट्रियां पूरी तरह जलकर ख़ाक हो चुकी थी। मौके पर अत्यधिक केमिकल और ऑयल पेंट होने के कारण आसमान तक काला धुंआ करीब 5 किलोमीटर दूर से दखाई दिया।