इंदौर

इंदौर बनेगा देश का नया रेलवे हबः जहां खत्म हो जाती थीं ट्रेनें, अब वहीं से खुलेंगे चार दिशाओं के रास्ते

Indore Railway Mega Projects: रेलवे का गेमचेंजर प्लान है यह, इंदौर से चारों दिशाओं में दौड़ेंगी ट्रेनें...। जानिए चारों रेलवे लाइन से किसे कितना फायदा...।

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Jun 18, 2026
indore railway projects
Indore Railway Mega Projects: इंदौर रेलवे का हब बनने जा रहा है। जल्द बदल जएगा नक्शा। (विजुअल- एआई जनरेटेड)

indore railway projects: भारत के कई राज्यों से इंदौर आने वाली ट्रेनें आकर थम जाती थी, यानी इसके आगे कोई रेलवे लाइन नहीं थी। ट्रेनों को यहां से वापस ही लौटना पड़ता था। लेकिन, समय बदलते देर नहीं लगती। अब इंदौर में आकर ट्रेनें खत्म नहीं होंगी, चारों दिशाओं की तरफ यहीं से ट्रेनें चलने लगेंगी।

मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर का नक्शा अब बढ़ा होने वाला है। क्योंकि पहले यहां आकर ट्रेनों के पहिए थम जाते थे। उन्हें वापस ही लौटना पड़ता था। लेकिन, इंदौर की किस्मत अच्छी है कि अब इंदौर से चार रेलवे लाइन आकार ले रही हैं। इन सभी मार्गों का काम पूरा करने का टारगेट 2047 रखा गया है। पत्रिका.कॉम पर आइए जानते हैं क्या है विकास की रफ्तार का अपडेट…।

इंदौर-बुदनी ट्रैक

indore budni railway line- जबलपुर के रास्ते वाराणसी, प्रयागराज जाने और आने के लिए बनने वाला इंदौर-बुदनी ट्रैक यात्रियों को काफी राहत देगा। बुधनी की तरफ से इस पर काम तेजी से चल रहा है। फिलहाल इंदौर के लोग उज्जैन से भोपाल होते हुए जबलपुर पहुंचते थे। वहां से प्रयागराज की तरफ आगे बढ़ते थे। नया ट्रैक बन जाने से जबलपुर से इंदौर आने के लिए इटारसी जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नर्मदापुरम के पहले से यह ट्रैक सीधे बुदनी आएगा, वहां से इंदौर रेल लाइन से जुड़ जाएगा। इस प्रकार यात्रियों का करीब एक घंटे का समय बच जाएगा और 68 से 150 किमी तक का सफर भी कम हो जाएगा। इस ट्रैक के बीच 8.64 किमी लंबी टनल भी बनेगी, जो एमपी की सबसे लंबी रेलवे टनल होगी।

इंदौर-दाहोद ट्रैक

indore dahod railway line- आदिवासी जिलों से गुजरने वाली यह सीधी रेलवे लाइन होगी। यह इलाके सीधे गुजरात के औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ जाएंगे। इस प्रोजेक्ट का ज्यादातर हिस्सा पूरा भी हो गया है। इस ट्रैक पर भी कई पुल और सुरंग बनाई गई हैं। जिनका काम अंतिम दौर में है। यह रेलवे लाइन 205 किमी लंबी है।

महू-खंडवा रेलवे ट्रैक

महू और खंडवा के बीच मीटर गेज को ब्रॉड गेज में बदला जा रहा है। अंग्रेजों के जमाने के इस ट्रैक को बदलकर ब्रॉडगेज करने से इंदौर से खंडवा के बीच 142 किमी का सफर करीब सवा घंटे का हो जाएगा। इस ट्रैक का काम भी कई चरणों में चल रहा है। ज्यादातर हिस्सा पूरा हो गया है। कई टनल और पुल भी इस रास्ते में बन रहे हैं। अंग्रेजों के जमाने के पुलों से अलग आधुनिक तकनीक के पुल और सुरंग बनाई जा रही हैं।

इंदौर-मनमाड़ ट्रैक

indore manmad railway line- इंदौर-मनमाड़ बनने से इंदौर का मुंबई से जुड़ना सबसे ज्यादा फायदेमंद होगा। 309 किमी लंबा यह ट्रैक होगा, 200 किमी के करीब दूरी घट जाएगी। जिससे साढ़े चार घंटे का समय बचेगा। फिलहाल इंदौर के व्यापारी रतलाम से गुजरात होते हुए मुंबई जाते हैं। जिसमें समय भी ज्यादा लगता है। दो राज्यों के कई जिलों की लाखों आबादी का आवागमन सुगम हो जाएगा। यात्रियों का पांच घंटे तक समय बच जाएगा। इंदौर से मनमाड़ जाने के लिए इंदौर से रतलाम, वडोदरा, सूरत होते हुए करीब 815 किमी की दूरी तय करना पड़ती है। नई रेलवे लाइन बनने से यह दूरी 644 किमी हो जाएगी। इंदौर के औद्योगिक क्षेत्र से सामान निर्यात की लागत कम हो जाएगी, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक जाने में दूरी और वक्त दोनों बचेंगे।

Indore Railway Mega Projects: इंदौर से चारों दिशाओं के लिए चार रेलवे लाइन पर काम तेजी से चल रहा है। (विजुअल-एआई जनरेटेड)

ट्राइबल एरिया का भी होगा विकास

यह नई रेलवे लाइन मध्यप्रदेश से लेकर महाराष्ट्र के कई ऐसे इलाकों से गुजर रही है। इसके बनने से पिछड़े इलाके और ट्राइबल इलाके तक ट्रेन पहुंच जाएगी। कई इलाके तो ऐसे हैं, जहां पहली बार रेलवे लाइन पहुंच रही है।

क्या खास है इंदौर में

0-मध्यप्रदेश का प्रमुख शहर है इंदौर। इसे मिनी बांबे भी कहा जाता है।
0-यह प्रदेश की व्यापारिक और आर्थिक राजधानी मानी जाती है।
0-इंदौर के सांवेर, पीथमपुर, धार आदि क्षेत्र औद्योगिक केंद्र हैं।
0-यह लाजिस्टिक हब बन गया है। कई निवेशकों ने करार किया है।
0-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन भी बन रहा है। यहां आईटी पार्क भी तैयार है।
0-रोजगार के अवसर भी इंदौर समेत औद्योगिक क्षेत्र में है।
0-इंदौर में कई मल्टीनेशनल, सॉफ्टवेयर कंपनियां हैं।

Updated on:
18 Jun 2026 04:06 pm
Published on:
18 Jun 2026 04:03 pm