
Kailash Vijayvargiya Controversial Statement- मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर कई बार विवाद में फंस चुके है। अब एक बार फिर मंत्री विजयवर्गीय की जबान एक भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान फिसल गई। कार्यक्रम में दिया उनका भाषण सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है, जिस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि- मुस्लिम हमें काफिर मानते है तो हमारी बनाई रोड पर न चले। विजयवर्गीय के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विजयवर्गीय के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।
'हमारी बनाई रोड पर मत चलो, लाड़ली बहना का पैसा मत लो'- मंत्री विजयवर्गीय
दरअसल, इंदौर-1 विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-1 में 1.73 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सड़क का भूमिपूजन करने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे थे। यहां उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं का उल्लेख किया और कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों के लिए काम करती है। अपने संबोधन के दौरान विजयवर्गीय ने कहा कि 'सरकार की जितनी भी योजनाएं है क्या उसमे कभी लाभार्थी का नाम पूछा गया कि रामलाल है कि रमजान। लाड़ली बहना योजना और पीएम आवास जैसी योजनाओं में में किसी भी व्यक्ति की जाती या धर्म नहीं पूछा गया।'
मंत्री कैलाश ने आगे कहा कि 'जिस जगह ये सड़क बन रही है, वहां मुस्लिम और हिंदू भाई साथ में रहते है। कई मुस्लिम भाई हमको काफिर बोलते है। अरे हम काफिर है, हमने सड़क बनाई है, तो मत चलो भाई। यदि हम काफिर हैं और आपके घर में लाड़ली बहना योजना का पैसा आ रहा है तो मत लो। हम कभी भी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। हमने 12 साल पहले नारा दिया था सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास।'
25 सितंबर 2025 को शाजापुर में राहुल और प्रियंका गांधी पर विवादित टिपण्णी की। कहा, पहले लोग बहनों के गांव का पानी नहीं पीते थे। आज हमारे नेता प्रतिपक्ष बहन का चौराहे पर चुंबन कर लेते हैं। ये संस्कारों का अभाव है, ये विदेश के संस्कार हैं।
अप्रैल 2023 में हनुमान और महावीर जयंती पर कहा, मैं रात को नौजवानों को झूमते हुए देखता हूं तो इच्छा होती है कि उन्हें 5-7 खींच दूं तो नशा उतर जाए। लड़कियां भी इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती हैं कि उनमें देवी का स्वरूप नहीं दिखता, शूर्पणखा लगती हैं।
भागीरथपुरा इंदौर में दूषित पानी से मौत पर पत्रकार ने सवाल पूछा तो अपशब्द का इस्तेमाल किया। बाद में माफी मांगी।