Kailash Vijayvargiya U-Turn: इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और बीमार हुए लोगों के इलाज मुफ्त इलाज के सवाल पर भड़के कैलाश ऐसे भड़के कि अमर्यादित हो गए... कांग्रेस ने कहा '#गालीबाज_कैलाश'
Kailash Vijayvargiya U-Turn: मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और बीमार हुए लोगों के इलाज मुफ्त इलाज के सवाल पर भड़के कैलाश ऐसे भड़के कि अमर्यादित हो गए। उनके बयान पर एमपी में सियासी पारा गर्मा गया। बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए एमपी और प्रदेश कांग्रेस ने उन्हें जमकर घेरा। वहीं सोशल मीडिया यूजर्स ने भी उन्हें जमकर ट्रोल किया। चारों ओर से आलोचना से घिरे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अब यू टर्न ले लिया है।
दरअसल इंदौर में 10 मौतें होने और सैकड़ों लोगों के बीमार पड़ने पर जब कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया गया, तो मुफ्त इलाज के नाम पर वो ऐसे भड़के कि अपनी जुबान पर भी काबू नहीं रख पाए और गाली तक दे गए। उनकी अमर्यादित भाषा को भाजपा नेता की ऐसी टिप्पणी थी जिसे असंवेदनशील माना जा रहा है। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे कांग्रेस ने सत्ता का अहंकार और गैर जिम्मेदाराना बयान बताया।
मंत्री के बयान के बाद कांग्रेस ने उन्हें जमकर घेरा। नेताओं ने इन्हें गालीबाज नेता तक कहा। एमपी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि शहर में लोग दूषित पानी के कारण मर रहे हैं, वहां गालीबाज मंत्री शर्मनाक बयान दे रहे हैं। जीतू पटवारी ने कहा कि मंत्री का बयान मैसेज देता है कि ये सत्ता का अहंकार है, जो भाजपा में नीचे से ऊपर तक के नेताओं में भरा हुआ है। उन्होंने सीएम पर भी निशाना साधा। फिर आग्रह करते हुए बोले कि सीएम जी… 13 मौतों के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज होना चाहिए।
पटवारी ने आगे कहा कि सीएम को चाहिए कि इंदौर में जिन परिवारों में मातम पसरा है, उस हर एक परिवार को 1-1 करोड़ का मुआवाजा दें। वहीं बीमार लोगों को मुफ्त इलाज दें। बता दें कि मुफ्त इलाज को लेकर भी जीतू पटवारी ने मौके पर पहुंच कर जायजा लिया था। बाद में पोस्ट शेयर कर लिखा था ये है मुफ्त इलाज की असलियत। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सीएम मोहन यादव को नसीहत भी दी है, उन्होंने कहा हे कि कम से कम इस घटना पर संवेदनशीलता दिखाएं और कठोरता भी ताकि लापरवाही करने वाले बच न सकें।
खुद को चारों तरफ से घिरता देख अब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यू टर्न लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए माफी मांगी है। उन्होंने लिखा है। कि इस गहरे दुख की स्थिति में मेरे मुंह से गलत निकल गया, मैं इसके लिए खेद प्रकट करता हूं।